इस दिवाली डिजाइनर दीयों से घर करें रोशन: एक रुपये में मिल रहे स्पेशल दीये, देखें वीडियों
लखनऊ, अमृत विचार। इस दिवाली आप मिट्टी के डिजाइनर दीयों से घर को रोशन कर सकते हैं, खास बात यह है कि इनकी कीमत भी बहुत ज्यादा नहीं है। एक रुपये से 250 रुपये के बीच में इन दीयों की कीमत रखी गई है। इन खूबसूरत दीयों से न केवल आपका घर रोशन होगा, बल्कि यह आकर्षक लुक भी देंगी। आप इन्हें घर के मंदिर से लेकर रंगोली के बीच या घर के मुख्य द्वार समेत कहीं पर भी रख सकते हैं। वहीं दीपावली में हमारे आपके घरों में जिन बड़े-छोटे दियों का इस्तेमाल आम तौर पर किया जाता है, उन दीयों की कीमत भी काफी कम है, 100 रुपये में 100 दिये मिल रहे हैं। आइये अब आप को बताते हैं कि यह डिजाइनर दीये मिल कहां रहे हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नवाचार, पारंपरिक और आधुनिक माटीकला उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए माटीकला महोत्सव- 2025 की शुरूआत की है। डालीबाग में लगा यह महोत्सव 19 अक्टूबर तक चलेगा। यहां पर मिलने वाले शंख, झोपड़ी, स्टार, पंचमुखी और नारियल डिजाइन के यह दीपक केवल पर्यावरण के अनुकूल ही नहीं हैं, बल्कि धार्मिक और अध्यात्मिक महत्व भी रखते हैं।
मिट्टी की गुणवत्ता को ध्यान में रखना जरूरी
माटीकला महोत्सव में सुरेंद्र प्रजापति ने भी अपनी दुकान लगा रखी है, वह स्वयं मिट्टी की वस्तुयें बनाते हैं। जिसमें डिजाइनर दीयों के अलावा मिट्टी की बोतल, तवा व भोजन पकाने के अन्य वर्तन व सजावटी वस्तुयें शामिल हैं। सुरेंद्र के मुताबिक दीपक से लेकर वर्तन या सजावटी सामान के निर्माण में हमें पहले मिट्टी की गुणवत्ता जांचनी होती है, हम अपने वर्तनों, दीयों के निर्माण में इस बात का खास ध्यान रखते हैं। किसी भी मिट्टी से इन चीजों को हम नहीं बनाते। क्योंकि लोग पूजा के साथ ही इन वर्तनों का प्रयोग भोजन के लिए भी करते हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण मिट्टी होने पर ही अच्छा स्वाद संभव है।
इस बात का रखते हैं ध्यान कि महंगा न पड़े सामान
लखनऊ के नफीस बताते हैं कि मिट्टी की गुणवत्ता के अलावा हम लोग इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि मिट्टी से बने दीयों, खिलौनो अथवा वर्तन की कीमत अधिक न हो। जिससे वह आम लोगों की पहुंच में रहे, यानी लोग उसे खरीद सकें। उन्होंने बताया कि हम यहां पर भी 100 रुपये में 100 दीये बेंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बहुत कम लोग ऐसे हैं जो आध्यात्मिकता को महत्व देते हैं, उन्हें तो सस्ता सामान चाहिए होता है, चाइनीज आइटम इसलिए लोगों को ज्यादा पंसद आते हैं। हमारी कोशिश है कि लोगों को भगवान की पूजा में पारंपरिक और गुणवत्तापूर्ण तरीके से तैयार किये गये मिट्टी के दिये उपलब्ध कराये जायें।
मिट्टी से दीये बनाने का हुनर सीखना हो तो आइये यहां
माटीकला महोत्सव में छात्रा श्रद्धा विद्युत चलित चाक के जरिये लोगों को मिट्टी से दीये और अन्य वर्तन बनाने के गुर सिखा रही हैं। उनका यह कार्य लोगों को खासा पसंद भी आ रहा है। यही वजह है कि यहां आने वाले लोगों में मिट्टी से दीये व अन्य वस्तुये बनाने का हुनर सीखने की ललक भी देखने को मिल रही है।
