विधायक निधि : 27.50 करोड़ से शहरी और ग्रामीण इलाके होंगे चकाचक
बरेली, अमृत विचार। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विधायक निधि की दूसरी किस्त जारी कर दी गई है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए ढाई-ढाई करोड़ रुपये की दर से नौ विधायकों और दो एमएलसी के लिए शासन से दूसरी किस्त के रूप में 27.50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। माननीय डीआरडीए को विकास कार्यों के प्रस्ताव सौंप रहे हैं। प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद इनके विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को पंख लगेंगे।
जिले में एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य के साथ कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, शहर विधायक डॉ. अरुण कुमार, बिथरी विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य, मीरगंज विधायक डाॅ. डीसी वर्मा, फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल, बहेड़ी विधायक अताउर्रहमान, भोजीपुर विधायक शहजिल इस्लाम और आंवला विधायक धर्मपाल सिंह को हर साल निधि के पांच करोड़ रुपये दो किस्तों में जारी किए जाते हैं। पहली किस्त के रूप में ढाई-ढाई करोड़ रुपये जून में जारी कर दिए गए थे। इसके बाद इन्होंने अपने एजेंडा के हिसाब से अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्र में काम को पूरा कराया। अब दूसरी किस्त के रूप में ढाई-ढाई करोड़ रुपये विधायक निधि के रूप में हाल जारी हुए हैं। इससे वह अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में छोटे-छोटे काम, जो एक या दो सीजन में पूरे कराए जा सकें, उनकी अनुशंसा कर सकेंगे। नवाबगंज, कैंट समेत कुछेक विधायकों ने प्रस्ताव देना भी शुरू कर दिए हैं।
निधि से मरीजों की भी सहायता कर सकेंगे विधायक
विधायक निधि की धनराशि से शहर और गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। सड़क, नाली और खड़ंजा निर्माण के साथ-साथ सोलर लाइटें लगवाकर शहर और गांवों को जगमग किया जा सकेगा। विधायक अपने प्रस्ताव पर विकास कार्य करा सकेंगे, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, विधायक अपनी निधि से शिक्षा के विकास और मरीजों के इलाज पर भी राशि खर्च कर सकते हैं। विद्यालयों के विकास और असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों के इलाज में भी विधायक अपनी निधि का उपयोग कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएं मिल सकें।
विधायकों को ऑनलाइन भेजने होंगे प्रस्ताव
पीडी डीआरडीए चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि विधायक निधि की दूसरी किस्त आ गई है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए ढाई करोड़ रुपये की दर से बजट जारी किया गया है। विधायकों से काम के प्रस्ताव मांगे गये हैं। अभी तक विधायक अपने लेटर पैड पर विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजते थे, इस व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए विधायकों से विकास कार्य से संबंधित प्रस्तावों को आनलाइन मांगा गया है। यह व्यवस्था जून माह में लागू हो गई थी। पहली बार व्यवस्था लागू होने से जनप्रतिनिधियों को प्रस्ताव भेजने में समस्या आई थी, तब कुछ छूट मिल गई थी, लेकिन इस बार ऑनलाइन ही प्रस्ताव स्वीकार किए जाएंगे। विधायकों को आईडी पासवर्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं।
