बरेली: जीएसटी घोटालेबाज कंपनी के भुगतान पर लगाई रोक
अमृत विचार, बरेली। बिजली निगम में संविदा कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली कंपनी के जीएसटी चोरी का प्रकरण अब तूल पकड़ने लगा है। मामले में बिजली विभाग ने कंपनी के सभी भुगतान पर रोक लगा दी है। विभाग के ऊपर कंपनी का करीब सात करोड़ रुपये बकाया है। दूसरी ओर जीएसटी विभाग ने भी मामले की …
अमृत विचार, बरेली। बिजली निगम में संविदा कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली कंपनी के जीएसटी चोरी का प्रकरण अब तूल पकड़ने लगा है। मामले में बिजली विभाग ने कंपनी के सभी भुगतान पर रोक लगा दी है। विभाग के ऊपर कंपनी का करीब सात करोड़ रुपये बकाया है। दूसरी ओर जीएसटी विभाग ने भी मामले की जांच की तैयारी शुरू कर दी है। बिजली विभाग की ओर से कंपनी से जीएसटी का हिसाब मांगा गया है। उसके बाद ही उसका आगे का भुगतान किया जाएगा।
ओरियन सिक्योरिटी सॉल्यूशन कंपनी पॉवर कारपोरेशन को संविदा कर्मचारी मुहैया कराती है। पिछले दिनों पॉवर कॉरपोरेशन की आंतरिक संपरीक्षा (इंटरनल ऑडिट) में पाया गया कि जीएसटी पंजीकरण रद होने के बावजूद कंपनी ने पॉवर कारपोरेशन से जीएसटी बिल के भुगतान ले लिए मगर जीएसटी विभाग के खातों में रकम जमा नहीं कराई। पॉवर कारपोरेशन के अफसर भी जीएसटी जमा होने का सत्यापन कराए बगैर ही पिछले वर्ष से लगातार भुगतान करते रहे। इसमें करोड़ों रुपए के घोटाले की बू आ रही है। जांच के लिए अब टीम का भी गठन किया गया है।
मामले में बिजली अधिकारियों का कहना है जीएसटी में हेराफेरी करना गंभीर मामला है। यही नहीं कंपनी प्रबंधन ने विभाग को भी गुमराह किया। हर महीने जीएसटी बिल का भुगतान लेने के बावजूद इसे जमा नहीं कराया गया। इस संबंध में अब कंपनी के सितंबर के बाद के सभी भुगतानों पर रोक लगाई गई है। यही नहीं भुगतान न मिलने के बावजूद कंपनी को पहले की तरह सभी सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी ताकि विद्युत आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी न आए।
कंपनी के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। उनसे जीएसटी का हिसाब मांगा गया है। हिसाब देने के बाद भी उनका आगे का भुगतान किया जाएगा। साथ ही मामले की जांच कराई जा रही है। -तारिक मतीन, बिजली मुख्य अभियंता
