'Nothing is well in NDA...', उपेंद्र कुशवाहा का बयान सुनकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, अमित शाह ने बुलाया दिल्ली
पटना: बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एनडीए गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। गठबंधन के अधिकांश सहयोगी दलों में असंतोष खुलेआम जाहिर हो रहा है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा महुआ विधानसभा क्षेत्र को लेकर बेहद खफा हैं। उन्हें समझाने-बुझाने के प्रयास अब तक व्यर्थ साबित हो रहे हैं। कुशवाहा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "This time nothing is well in NDA" (एनडीए में फिलहाल सबकुछ ठीक नहीं है)। इससे गठबंधन के अंदर सीटों पर गहरी नाराजगी का पता चलता है। उनकी नाराजगी की गहराई का अंदाजा इसी से लगता है कि उन्होंने दोपहर 12 बजे पार्टी की आपात बैठक बुलाई थी, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर संदेश डालकर बताया कि अमित शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया है, इसलिए बैठक टाल दी जा रही है।
बेटे को महुआ सीट से उतारने का प्लान
मामला यह है कि शुरू में महुआ सीट उपेंद्र कुशवाहा के दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा को देने की चर्चा थी, लेकिन अब खबरें हैं कि यह सीट चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी को मिल सकती है। विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि कुशवाहा अपने पुत्र दीपक प्रकाश कुशवाहा को इसी सीट से चुनाव मैदान में उतारने की योजना बना चुके हैं। उन्हें मनाने के लिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय और बीजेपी के बिहार इंचार्ज विनोद तावड़े जैसे वरिष्ठ नेता उनके पास पहुंचे, मगर कुशवाहा अपनी जिद पर कायम हैं।
रात भर चली मनाने की कोशिशें
जानकारी के अनुसार, रात के 2 बजे तक बिहार बीजेपी के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, सम्राट चौधरी और बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन कुशवाहा के निवास पर उन्हें राजी करने में जुटे रहे। बीजेपी की यह क्षति नियंत्रण की मुहिम असफल रही और कुशवाहा ने अगले दिन दोपहर 12:30 बजे पार्टी की इमरजेंसी बैठक का ऐलान कर दिया। अटकलें लगाई जा रही थीं कि उनका दल कोई महत्वपूर्ण कदम उठा सकता है। हालांकि, बाद में उनके सोशल मीडिया पोस्ट से बैठक स्थगित होने की खबर आई।
बीजेपी नेता कुशवाहा के घर से निकलते समय मीडिया से मुखातिब नहीं हुए। उनके जाने के बाद जब पत्रकारों ने कुशवाहा से मुलाकात के बारे में पूछा तो पहले तो उन्होंने टालमटोल किया और कहा कि बीजेपी वाले क्यों आए, यह उनसे ही पूछो। आखिर में सिर्फ इतना बोले कि "This time nothing is well in NDA"।
कुशवाहा को मिली कितनी सीटें?
एनडीए के सीट बंटवारे के सूत्र में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा को महज 6 सीटें ही मिली हैं, जबकि वे इससे कहीं अधिक की उम्मीद कर रहे थे। इधर, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी को 29 सीटें आवंटित हुई हैं। इससे सबसे पहले जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा का असंतोष उभरा। बाद में जनता दल यूनाइटेड के नेताओं में भी इस फॉर्मूले पर भारी रोष देखा गया। सांसद अजय मंडल ने त्यागपत्र की पेशकश की, जबकि विधायक गोपाल मंडल तो मुख्यमंत्री निवास के द्वार पर धरने पर बैठ गए।
