चित्रकूट : कोषागार घोटाले में चार कर्मियों सहित 97 लोगों पर एफआईआर

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Edited By Amrit Vichar
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इनमें दो कर्मचारी, दो अधिकारी और अन्य लोग हैं पेंशनर

चित्रकूट, अमृत विचार। कोषागार से अनियमित रूप से खातों में धन भेजने के मामले में वरिष्ठ कोषाधिकारी ने शुक्रवार को कुल 97 लोगों पर कोतवाली कर्वी में एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें दो कर्मचारी, दो अधिकारी और अन्य पेंशनर हैं। अधिकारियों में एक सेवानिवृत्त हो चुका है।

गौरतलब है कि बीते दिनों कर्वी कोषागार में अवैध रूप से धन पेंशनरों के खाते में भेजकर बंदरबांट करने का मामला सामने आया है। इस मामले में वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह पुत्र जामवंत सिंह निवासी खैराबाद (सुल्तानपुर) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।

इसमें उन्होंने बताया कि कार्यालय महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) प्रथम उप्र प्रयागराज के विशेष निरीक्षण दल ने छह अक्टूबर तक कोषागार के पेंशनर और पारिवारिक पेंशनरों को दी गई धनराशि का निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि कुछ पेंशनरों को अनियमित भुगतान किया गया।

इस संबंध में आडिट दल ने कुछ कागजात भी उपलब्ध कराए। इनमें भी पेंशन भुगतान में गंभीर वित्तीय अनियमितता पाई गईं। बताया कि इसके बाद इस मामले की अंतरिम जांच के लिए आंतरिक जांच समिति का गठन किया गया। समिति ने जांच में पाया कि 93 पेंशनरों को 42,04,22,093 रुपये के शासकीय धन का अनधिकृत आहरण कोषागार के माध्यम से किया गया है।

कोतवाली प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाई गई हैं, जो संभावित ठिकानों में दबिश दे रही हैं। पूछतांछ के लिए लगभग बारह लोगों को कोतवाली लाया गया है।

हालांकि उन्होंने यह बताने में गुरेज किया कि फिलहाल कितने लोगों की बाकायदा गिरफ्तारी की गई है। उधर, यह भी पता चला है कि कुछ लोग गिरफ्तारी से बचने और अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट की शरण में भी गए हैं। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।     

इन कर्मियों पर दर्ज हुई रिपोर्ट

दर्ज कराई रिपोर्ट में वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया है कि पूरा भुगतान 30 अगस्त 2018 से सितंबर 2025 की अवधि में हुआ। इस दौरान अशोक कुमार कोषागार लेखागार, संदीप कुमार सहायक लेखागार, अवधेश प्रताप सहायक कोषाधिकारी (सेवानिवृत्त) और विकास सहायक कोषाधिकारी के पद पर रहे थे।

बताया कि आंतरिक जांच समिति ने संदीप कुमार और अशोक कुमार को अनियमित भुगतान के पूर्णतया दोषी पाया। इसके अलावा अन्य दो अवधेश प्रताप और विकास की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि बिना इनकी जानकारी के इतनी रकम खातों में भेजा जाना लगभग असंभव है।

मामले की जांच करेंगे सीओ सिटी

पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कोषागार के दो कर्मचारी, जो पेंशन पटल को देखते थे, के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा उस दौरान के दो अधिकारी, जिनकी अनुमति के बिना पेंशन खातों में नहीं जा सकती, भी आरोपी हैं। अन्य लोग पेंशनर हैं। बताया कि मामले की जांच सीओ सिटी अरविंद कुमार वर्मा के नेतृत्व में एसआईटी करेगी। बताया कि जांच में जो और नाम सामने आएंगे, उन पर भी कार्रवाई होगी।

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