Moradabad: धनतेरस पर दमका बाजार, करोड़ों का कारोबार...दीयों की रोशनी से जगमगाया महानगर
मुरादाबाद, अमृत विचार। धन वर्षा, रोगमुक्त और सुख-समृद्धि की कामना के साथ धनतेरस पर शनिवार को भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना भी की गई। अच्छे स्वास्थ्य और आरोग्य के लिए भी भगवान धन्वंतरि पूजे गए। भगवान धन्वंतरि को देव वैद्य भी कहा जाता है।
शनिवार को धनतेरस के साथ दीपोत्सव की शुरुआत हो गई। दीयों की रोशनी से पूरा महानगर जगमगा उठा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर लोगों ने अपने घरों में भगवान धन्वंतरि का आसन सजाया और तरह-तरह के भोग लगाकर आशीर्वाद लिया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान धन्वंतरि का आह्वान किया गया। भगवान धन्वंतरि के साथ ही भक्तों ने कुबेर और महालक्ष्मी की भी आराधना की। पूजन के बाद रात में महिलाओं ने यम के नाम का दीया जलाया। दीपक जलाकर घर के बाहर रखे। हर घर द्वार दीयों की रोशनी में नहाया नजर आया।
सारे दिन होती रही खरीदारी
धनतेरस पर खरीदारी करने की मान्यता है। यही कारण था कि बाजार खरीदारी से गुलजार रहे। लोगों ने सुबह से ही बाजारों में पहुंचकर खरीदारी करनी शुरू कर दी थी। साज-सज्जा, उपहार, कपड़ों के साथ ही बर्तन बाजार ऑटोमोबाइल और सराफा बाजार में खूब रौनक रही। सबसे ज्यादा बर्तन व लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों की खरीदारी हुई।
झाडू की खूब हुई बिक्री
धनतेरस पर झाडू खरीदने की प्रथा प्रचलित है। झाडू को महालक्ष्मी का रूप भी माना जाता है। ऐसे में लोगों ने झाड़ू की खूब खरीदारी की। मांग ज्यादा होने की वजह से विक्रेताओं ने 40-50 रुपये में बिकने वाली झाडू को 80 से 90 रुपये में बेचा। मगर साल भर के पर्व को देखते हुए लोगों में उत्साह था, जिसकी वजह से उन्होंने भी ज्यादा मोलभाव नहीं किया।
दुकान और प्रतिष्ठानों में भी हुई पूजा-अर्चना
शहर में जगह-जगह दुकान और प्रतिष्ठानों में भी भगवान धन्वंतरि के साथ महालक्ष्मी और कुबेर की विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना हुई। व्यापारियों और दुकान स्वामियों ने पुजारी को बुलाकर पूजा संपन्न कराई और भगवान से सुख समृद्धि और जीवन में शांति के लिए कामना की।
