राम की पैड़ी पर CM योगी ने की मां सरयू की आरती : 28 लाख दीपों से जगमग हुई रामनगरी, अयोध्या के नाम दर्ज हुआ एक और कीर्तिमान
लखनऊ, अयोध्या, अमृत विचार : अयोध्या में रविवार को 9वां दीपोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम की पैड़ी पर मां सरयू की आरती की है। वहीं अयोध्या स्थित सरयू तट पर बने 56 घाटों पर करीब 28 लाख दिये प्रज्ज्वलित किये गये हैं। जिसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया है। इस दौरान अयोध्या में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी मौजूद रही है।
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मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना करने के बाद अपने संबोधन में दीपोत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘जब हमने 2017 में अयोध्या धाम में दीपोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया, तो इसके पीछे हमारा उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना था कि वास्तव में दीप कैसे जलाए जाते हैं।’’ मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रति विपक्षी दलों के रुख को लेकर उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘इसी अयोध्या में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने कहा था कि राम एक मिथक हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं।’’

उन्होंने पिछले वर्ष हुए राम मंदिर ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के निमंत्रण को कथित रूप से अस्वीकार करने को लेकर भी विपक्षी दलों की आलोचना की। आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘ये वही लोग हैं जो बाबर की कब्र पर सजदा करते हैं, लेकिन जब उन्हें श्रीराम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया जाता है, तो वे निमंत्रण अस्वीकार कर देते हैं।’’
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अयोध्या में आए बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अयोध्या अब ‘‘विकास और विरासत का अद्भुत संगम’’ प्रस्तुत करता है। उत्सव की भव्यता जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 51 लाख दीप जलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट का सामना नहीं करना पड़ रहा है। जहां कभी गोलियां चलती थीं, आज वहां दीप जलाए जा रहे हैं।’
अयोध्या में जीवंत हुआ त्रेता युग, योगी ने किया प्रभु राम का राज्याभिषेक
दीपों की अनगिनत पंक्तियों से सजी रामनगरी रविवार की शाम ऐसे आलोकित हुई, मानो स्वयं त्रेता युग धरती पर उतर आया हो। लंका पर विजय कर चौदह साल बाद पुष्पक विमान से लौटने जैसा दृष्य आसमान में हेलीकाप्टर की गड़गड़ाहट से साकार हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्पवर्षा के बीच प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के राज्याभिषेक का प्रतीकात्मक अनुष्ठान किया। जैसे ही योगी ने प्रभु श्रीराम का रथ खींचा, पूरा पार्क जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।
रामायण सीरियल के पात्रों को सामने देख लोग भावविभोर हो उठे। जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से गूंजता रामकथा पार्क श्रद्धालुओं की आस्था और उल्लास से भक्ति रस में डूब गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों और संत-धर्माचार्यों के साथ प्रभु श्रीराम के रथ को खींचकर भक्ति की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर दर्शक का हृदय स्पंदित कर दिया। सिंहासन पर विराजमान भगवान श्रीराम, माता सीता, भरत, लक्ष्मण, शत्रुध्न और हनुमान के पूजन के बाद योगी ने प्रतीकात्मक राज्याभिषेक कर उनका आशीर्वाद लिया। संतों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि योगी ने विक्रमादित्य की परंपरा को पुनर्जीवित किया, त्रेता युग फिर लौट आया। दीपोत्सव 2025 ने भारत की सांस्कृतिक चेतना, धार्मिक गौरव और आधुनिक प्रगति की ऐसी झांकी प्रस्तुत की, जो युगों तक स्मृतियों में अंकित रहेगी। योगी आदित्यनाथ ने संकल्प दोहराया कि राम राज्य केवल कल्पना नहीं, बल्कि हमारी नीति, निष्ठा और दिशा है।
भावविह्वल कर गया भरत मिलाप
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया, जब भरत मिलाप का मंचन हुआ। श्रीराम ने भरत को गले लगाया तो पूरा रामकथा पार्क जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की आंखें नम हो उठीं। यह दृश्य मानो बता रहा था कि रामायण केवल कथा नहीं, भारत की आत्मा है।
संतों ने कहा योगी युग में लौटा त्रेता काल
रामकथा पार्क में आयोजित प्रतीकात्मक राज्याभिषेक कार्यक्रम में संत समाज ने मुख्यमंत्री योगी को आधुनिक युग का विक्रमादित्य बताया। डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा कि योगी ने विश्वभर के हिंदुओं का मस्तक गर्व से ऊंचा किया। जगतगुरु डॉ. राघवाचार्य ने कहा कि अयोध्या, जो कभी अंधकार में थी, आज प्रकाश की राजधानी बन गई है। जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य ने कहा कि शरीर से हम कलियुग में हैं, पर मन और आत्मा से त्रेता युग में।
रामायण काल की झांकियां देख भावविभोर हुए अयोध्यावासी
साकेत महाविद्यालय से झांकियों की शुरूआत पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने जनप्रतिनिधियों के साथ ढोल-नगाड़े बजाकर किया। साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक 22 झांकियों की शोभायात्रा ने त्रेता युग को साकार कर दिया। हर झांकी में रामायण के सातों कांडों बालकांड से लेकर उत्तरकांड तक की झलक थी। कहीं राम जन्म का उल्लास, कहीं लंका विजय का पराक्रम, तो कहीं भरत मिलाप का भावनात्मक दृश्य श्रद्धालुओं को भावविह्वल कर गया।
योगी सरकार की विकास गाथा भी हुई सजीव
सूचना विभाग, अयोध्या प्राधिकरण और पर्यटन विभाग की झांकियों में योगी सरकार की विकास गाथा भी सजीव रूप में प्रदर्शित हुई। डिफेंस कॉरिडोर, काशी कॉरिडोर, पीएम आवास योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, आत्मनिर्भर नारी और स्वच्छ हरित उत्तर प्रदेश जैसी योजनाओं की झलक ने आधुनिक राम राज्य का चित्र खींच दिया। यही अयोध्या मॉडल अब विश्व के लिए प्रेरणा बन गया है जहां आस्था, अनुशासन और विकास एक साथ चलते हैं।
राष्ट्रीय स्वरूप में झलकी भारतीयता
रामपथ पर जब झांकियां बढ़ीं तो हर कोना पुष्पवर्षा, आरती और लोकनृत्यों से गूंज उठा। हरियाणा का फाग, राजस्थान का झूमर, पंजाब का भांगड़ा, ओडिशा का संबलपुरी और केरल का कथककली विविध संस्कृतियों ने दीपोत्सव को राष्ट्रीय स्वरूप दे दिया। श्रद्धालुओं ने दीप जलाए, जय श्रीराम का उद्घोष किया और इस अद्भुत दृश्य को कैमरों में कैद कर लिया।
अयोध्या: आस्था की आलोकित राजधानी
रामकथा पार्क से लेकर हनुमानगढ़ी तक दीपों की सुनहरी लड़ी बिछी थी। आकाश में 1100 ड्रोन ने अद्भुत दृश्य रचा, सरयू तट पर 28 लाख दीपों ने नए विश्व रिकॉर्ड की नई झिलमिलाहट दी। वास्तव में दीपोत्सव 2025 ने सिद्ध कर दिया कि अयोध्या केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि जीवंत आस्था की राजधानी है, जो विकास और अध्यात्म दोनों में विश्व का मार्गदर्शन कर रही है।
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