कड़ी सुरक्षा के बीच 29 से शुरू होगा परिक्रमा मेला, लागू होगा यातायात डायवर्जन, डीएम और SSP ने किया निरीक्षण
अयोध्या, अमृत विचार। रामनगरी में आगामी परिक्रमा मेला को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर गहन मंथन शुरू कर दिया है। अक्षय नवमी के अवसर पर 29 अक्टूबर को प्रारंभ होने वाली 14 कोसी परिक्रमा में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
इसको लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। 14 कोसी परिक्रमा के दौरान हाईवे पर डायवर्जन करने की तैयारी है। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे व एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने गुरुवार को परिक्रमा पथ का निरीक्षण कर सुरक्षा समेत अन्य व्यवस्थाओं को परखा।
ध्यान रहे कि कोतवाली अयोध्या, कोतवाली नगर, थाना कैंट व थाना रामजन्मभूमि आदि चार थानों के अंतर्गत आने वाले परिक्रमा पथ की कुल लंबाई 42 किलोमीटर है। यह पथ अयोध्या धाम के प्रमुख मंदिरों को समेटती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस परिक्रमा से सात जन्मों का पुण्य प्राप्त होता है। पिछले वर्षों में 20 से 30 लाख श्रद्धालु इसमें भाग ले चुके हैं।
सुरक्षा को लेकर पूरे परिक्रमा पथ व संवेदनशील स्थानों पर अर्धसैनिक बल, पीएसी, पुलिस के जवानों के साथ एटीएस की तैनाती करने की योजना बनाई गई है। सरयू तट की सुरक्षा जल पुलिस, एसडीआरएफ के साथ पीएसी बाढ़ राहत दल को सौंपी जाएगी। पूरे मेला क्षेत्र पर कड़ी निगरानी रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी का इस्तेमाल किया जाएगा। भीड़ को देखते हुए, मेला क्षेत्र को सुरक्षा जोन और सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा। हर जोन की निगरानी के लिए एक अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी की तैनाती की जाएगी। वर्ष 2024 में पंचकोसी और चौदहकोसी परिक्रमा को एटीएस की निगरानी में रखा गया था, इस बार भी प्रमुख स्थानों पर तैनात करने की तैयारी है।
मेले के दौरान वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक रूट डायवर्जन प्लान जारी करने की तैयारी है। यह योजना बाहरी और अंतर-जनपदीय दोनों वाहनों पर लागू होगी, हालांकि आवश्यक सेवाओं को छूट दी जाएगी। भीड़ के स्तर का आकलन करने के लिए विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे आवश्यकतानुसार यातायात डायवर्जन को लागू किया जा सके।
सुरक्षा को लेकर प्रमुख स्थल चिह्नित
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने गुरुवार को प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों के साथ परिक्रमा का निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा को लेकर प्रमुख स्थलों को चिह्नित किया गया। सरयू घाट पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को लेकर यहां की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय करने पर भी मंथन किया गया। दोनों अधिकारियों ने कहा कि आवश्यक सुविधाओं समेत सुरक्षा को लेकर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मेले के महत्वपूर्ण पर्व एक नजर में
14कोसी परिक्रमा-29 अक्टूबर, बुधवार- देर रात्रि 4.51 से शुरू होकर 30 अक्टूबर दिन गुरुवार को देर रात्रि 4:40 बजे तक। पंचकोसी परिक्रमा-31 अक्टूबर दिन शुक्रवार देर रात्रि 04:04 से शुरू होकर एक नवंबर शनिवार को देर रात्रि 2:57 तक। कार्तिक पूर्णिमा स्नान-चार नवंबर की रात 10:36 से पांच नवंबर शाम 6:48 बजे तक।
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