20 मिनट में हो जाती है पूरी जांच : मरीजों के इलाज में अल्ट्रासाउंड की भूमिका अहम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ, अमृत विचार : गंभीर मरीजों के इलाज में अल्ट्रासाउंड जांच बेहद कारगर साबित हो रही है। महज 20 मिनट में पूरे शरीर की जांच की जा सकती है। अल्ट्रासांउड का इस्तेमाल शरीर के किसी भी अंग की जांच के लिए किया जा सकता है, खास बात यह भी है कि यह जांच बेड साइड यानी मरीज जिस बेड पर भर्ती है वहीं पर पूरी जांच हो सकती है। जिससे समय रहते मरीज का इलाज शुरू हो सकता है, इसका कोई नुकसान भी नहीं है। यह कहना है संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान स्थित एनेस्थिसियोलॉजी विभाग की डॉ. दिव्या का।

उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में आये मरीजों को तत्काल इलाज की जरूरत होती है, जांच कराने में समय अधिक लग सकता है, ऐसे में मरीजों की स्थित देखकर अल्ट्रासाउंड से समस्या को देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसके जरिये पेट में ब्लीडिंग, फेफड़ों और हार्ट का इवैल्यूएशन तुरंत और सटीकता के साथ किया जा सकता है। इतना ही नहीं अल्ट्रासाउंड की मदद से मरीज के बीपी में अचानक गिरावट की तुरंत पहचान भी हो सकती है। सर्जरी में भी इसका अहम योगदान है। 

एनेस्थिसियोलॉजी विभाग का स्थापना दिवस आज

SGPGI स्थित एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रभात तिवारी ने बताया कि आज विभाग का 38वां स्थापना दिवस है। इस अवसर पर विभाग के प्रो. सोमा कौशिक सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें दिल्ली स्थित बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. राजेश कुमार पांडे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम की शुरूआत शाम 5 बजे होगी। वहीं शुक्रवार से ही भारतीय एनेस्थेसियोलॉजिस्ट सोसाइटी यूपी चैप्टर का तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन भी शुरू हुआ है। जिसमें देशभर के विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. आशीष कनौजिया है। इस दौरान डॉ. संदीप खुबा ने बताया कि सम्मेलन में इलाज की नवीन तकनीकों पर विशेषज्ञ अपनी राय साझा करेंगे। वहीं इस दौरान लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी होगा।

यह भी पढ़ें : 36 चौके, 6 छक्के, सेमीफाइनल में धमाकेदार एंट्री; क्या 2025 का विश्व कप उठाएगी टीम इंडिया? जानें 5 बड़ी वजह

संबंधित समाचार