बरेली : यूनानी मेडिकल कॉलेज की बिजली चालू, हैंडओवर न होने से संचालन अटका

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Edited By Pradeep Kumar
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विद्युत विभाग ने 50 लाख रुपये जमा होने के बाद लाइन अलग कर रखवाया 200 केवीए का ट्रांसफार्मर, मीटर लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू की

बरेली, अमृत विचार: चार साल बाद हजियापुर में ढलाव की भूमि पर राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल का निर्माण पूरा हो गया। कुछ दिन पहले 50 लाख रुपये की लागत से 200 केवीए का ट्रांसफार्मर रखने के साथ बिजली विभाग ने अलग लाइन डलवाकर सप्लाई चालू करा दी, लेकिन अभी तक न मेडिकल कॉलेज और न ही हॉस्पिटल का संचालन शुरू हुआ है। बिजली मीटर लगने के बाद आपूर्ति चालू हो गई है। पीडब्ल्यूडी के भवन हैंडओवर न करने की वजह से प्रदेश के तीसरे सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज का संचालन अटका है।

सपा शासन काल में नगर निगम की हजियापुर में स्थित 27 हजार वर्ग मीटर भूमि पर राजकीय यूनानी मेडिकल कालेज संग 100 बेड के हॉस्पिटल को मंजूरी मिली थी। सपा सरकार के जाने के बाद परियोजना की रफ्तार रुक गई थी। भाजपा सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने परियोजना को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम में शामिल कराने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। इस पर आयुष विभाग की सहमति मिल गई। इसके बाद परियोजना के निर्माण में तेजी आई और लगातार बजट जारी होता रहा। लोक निर्माण विभाग ने 129.50 करोड़ रुपये में परियोजना पूरी करने का आगणन तैयार कर विभागीय मुख्यालय भेजा था। कुछ माह पहले भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया। फिनिशिंग भी हो गयी। इसके बाद बिजली कनेक्शन का मामला फंस गया था, लेकिन अब वह भी हल हो गया है। 200 केवीए का ट्रांसफार्मर रखने के साथ नई लाइन बिछाकर सप्लाई चालू करा दी गयी है। बताते हैं कि यहां मेडिकल कॉलेज में 100 छात्र-छात्राओं को बीयूएमएस के लिए दाखिला मिल सकेगा।

लखनऊ और प्रयागराज के बाद बरेली में यह तीसरा सबसे बड़ा राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज है। बताया जा रहा है कि शासन को मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए चिकित्सक, प्राचार्य और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इधर, मंडलीय यूनानी अधिकारी डॉ. कुर्रुतुल एन जैहरा जैदी ने बताया कि बिजली कनेक्शन का मामला हल हो गया। बिजली सप्लाई चालू हो गयी है, लेकिन अभी तक भवन विभाग को हैंडओवर नहीं हुआ है। इस वजह से संचालन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। हैंडओवर होने के बाद संचालन की फाइल आगे बढ़ेगी।

अफसरों ने अल्पसंख्यक कल्याण की प्रमुख सचिव की भी नहीं सुनी
अल्पसंख्यक कल्याण की प्रमुख सचिव संयुक्ता समद्दार ने 12 जुलाई को डीएम समेत अन्य अधिकारियों के साथ राजकीय यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया था। उन्होंने पीडब्ल्यूडी सहित अन्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 15 अगस्त से पहले कॉलेज को आयुष विभाग को हैंडओवर कर दिया जाए, लेकिन अफसरों ने प्रमुख सचिव की नहीं सुनी। यही वजह है कि संचालन तो दूर भवन ही हैंडओवर नहीं हुआ है।

यूनानी मेडिकल कॉलेज में कनेक्शन देकर मीटर लगा दिया है। बिजली की सप्लाई भी शुरू हो गई है, जो विभाग की तरफ से एस्टीमेट बनाया था वह जमा होने के बाद कनेक्शन जारी किया गया है। -अंकित गंगवार, अधिशासी अभियंता विद्युत।

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