UP News: बिना विशेषज्ञ की सलाह हटाया वेंटिलेटर सपोर्ट, बच्ची की हालत बिगड़ी, निजी अस्पताल के स्टाफ पर लगा लापरवाही का आरोप

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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पीड़ित परिवार ने सीएमओ से की शिकायत

लखनऊ, अमृत विचार: दुबग्गा के एक निजी अस्पताल के स्टाफ की कथित लापरवाही से दो साल की बच्ची काव्या की हालत गंभीर हो गई। आरोप है कि बिना कुशल डॉक्टर के उसे वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया और बाद में हटाया गया। इससे बच्ची को रक्तस्राव होने लगा। परिजन हंगामा कर अस्पताल प्रशासन और सीएमओ से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

हरदोई के थाना बघौली स्थित महमूदपुर गांव के संजीत अवस्थी की बेटी काव्या को बुखार के कारण जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया। निजी एंबुलेंस दलाल ने बेहतर और सस्ता इलाज का झांसा देकर 20 अक्टूबर को तुलसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। बच्ची की गंभीर हालत देख अस्पताल संचालक ने उसे श्री कृष्णा चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में भेजा। आरोप है कि वेंटिलेटर के नाम पर हर दिन 15 हजार रुपये लिए गए और कोई कुशल डॉक्टर मौजूद नहीं था। गुरुवार रात दूसरे बच्चे के आने पर बच्ची को वेंटिलेटर से हटाया गया, जिससे हालत बिगड़ी।सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने जांच कराने की बात कही है।

अस्पताल का वर्जन

“बच्ची को रिकवरी के बाद वेंटिलेटर से हटाया गया था। दूसरे बच्चे की हालत नाजुक होने पर उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। हटने के 14 घंटे बाद हालत नाजुक हुई। आरोप बेबुनियाद हैं।”

डॉ. शरद गुप्ता, संचालक, श्री कृष्णा चिल्ड्रेन हॉस्पिटल

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