रामायण और गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करें : सतीश महाना ने किया कथावाचक देवकी नंदन का सम्मान
कानपुर, अमृत विचार। प्रदेश सरकार ने जैसे भोजपुरी भाषा को सम्मान दिया है, वैसे ही रामायण और श्रीमद्भगवद्गीता की पढ़ाई को प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य किया जाए। यदि हमारे बच्चों को रामायण और गीता का ज्ञान होगा, तो वे जीवन में कभी मार्ग नहीं खोएंगे, न ही दुखों से टूटेंगे। ये बातें देवकी नंदन ठाकुर महाराज ने विश्व शांति सेवा समिति के तत्वावधान में मोतीझील में आयोजित श्रीमद्भगवत गीता में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से कहीं।
उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को भोजपुरी भाषा को विधानसभा में मान्यता प्रदान किए जाने पर बधाई दी। पहलगाम हमले में आतंकियों के हाथों मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी को आशीर्वाद दिया। ऐशन्या ने वीर पति की याद में भावपूर्ण शब्दों के माध्यम से अपने विचार सनातन समाज के समक्ष रखे। उनके शब्दों में देशभक्ति, त्याग और आस्था की गूंज स्पष्ट सुनाई दी, जिससे उपस्थित भक्तगण भावविभोर हो उठे।
देवकी नंदन ठाकुर महाराज ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी भी धर्म में यह नहीं कहा गया कि धर्म पूछकर किसी को गोली मारी जाए। आजकल सनातनी केवल सोशल मीडिया तक ही हिंदू बने रहते हैं। वे फेसबुक, इंस्टाग्राम या व्हाट्सएप पर धर्म के संदेश साझा करते हैं, धर्म की रक्षा की बातें करते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में उस धर्म का पालन कम ही करते हैं। हमें केवल सोशल मीडिया तक ही नहीं बल्कि हर जगह सनातनी बनना चाहिए।
हमें धर्म की रक्षा करनी चाहिए, धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए और अपने जीवन में ईश्वर के आदर्शों को स्थापित करना चाहिए। जितना हमें भगवान ने दिया है, उससे अधिक हमें कुछ नहीं मिल सकता मनुष्य अक्सर अपने जीवन में अधिक पाने की इच्छा में खो जाता है, परंतु जो कुछ ईश्वर ने दिया है, वही हमारे लिए पर्याप्त और लाभकारी है। प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में ऐसा कर्म करना चाहिए जो मृत्यु के बाद भी उसका कल्याण करे।
उन्होंने बताया कि मरनशील मनुष्य को श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। कथा सुनने से हृदय शुद्ध होता है, मन को ज्ञान मिलता है और जीवन की दिशा सही होती है। आज के कार्यक्रम में शिव प्रकाश गुप्ता, जयमाला सिंह, प्रभा शकर वर्मा, पूनम पाण्डेय, विपिन बापजेई, डा. यूपी सिंह, राम विनय यादव, सतीश गुप्ता, अजय मिश्रा, अनिल श्रीवास्तव, नीरज वर्मा, रानी अवस्थी, वीरेन्द्र गुप्ता, नीलम सेंगर, माया सिंह, श्री भदौरिया, आभा गुप्ता, मीना शुक्ला, निर्मला त्रिपाठी, किरन तिवारी, अनु सेंगर, चन्द्र प्रभा मौजूद रहीं।
