'अदिति लेहो मोर अरघिया... कानपुर में छठ पूजन के लिए घाटों पर उमड़े लाखों श्रद्धालु, गूंजे छठ मइया के गीत
कानपुर, अमृत विचार। भगवान सूर्य और छठ मइया की पूजा के पर्व डाला छठ पर लाखों श्रद्धालु छठ पूजन घाटों पर उमड़ पड़े। लोक आस्था के इस महापर्व पर हाथों में अखंड ज्योत लिए हुए व्रती परिवार डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर पहुंचे।

इस दौरान तमाम श्रद्धालु नंगे पांव ही चल रहे थे। घाट पर पहुंची महिला श्रद्धालुओं ने पहले वेदी पूजन किया और फिर छठी मइया की महिमा के गीत गाते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान बैंडबाजे की धुन पर तमाम श्रद्धालु नाचते रहे। छठ मइया का जयकारा भी वातावरण में गूंजता रहा।

कांच ही बास के बहंगिया बहंगी लचकत जाए..., अरघ लेई सूरजदेव खुश होइहै छठी मइया..., 'हे छठी मइया तोहार महिमा अपार ...' व 'अदिति लेहो मोर अरघिया...., कहवां भइल एतनी देर हो माई..., ' लीहीं सुुरुज मल अरघिया आके करीं न दया... व 'ललना औ सुहाग कै रक्षा करा हे छठ माता, खुश होइबे हम आज... आदि गीतों से छठ मइया की महिमा का गुणगान व्रती महिलाओं ने किया। श्रद्धालुओं ने भगवान सूर्य के दर्शन भी किए।

अर्मापुर नहर और पनकी नहर पर स्थित मंदिर में भगवान सूर्य का मनोहारी श्रृंगार किया गया। घाट पर पहुंची श्रद्धालु महिलओं ने जल में पहले डुबकी लगाया और फिर अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की। गंगा बैराज, सरसैया घाट, गोला घाट, मैस्कर घाट, पनकी नहर, अर्मापुर, सीटीआई, साकेत नगर आदि जगहों पर छठ मइया का पूजन किया गया।

पूजन को देखने के लिए भी तमाम श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे। घाटों पर सुहागिन महिलाओं ने एक दूसरे की मांग में सिंदूर भी लगाया। रंग बिरंगी झालरों से सजाए गए घाट पर ऐसा लग रहा था मानों लाखों तारें जमीं पर उतर आए हों।

यहां हुआ सामूहिक पूजन
नमक फैक्ट्री, शास्त्री नगर पार्क, अवधपुरी, विष्णुपुरी, पनकी, अर्मापुर, सीटीआइ, साकेत नगर, गुजैनी, दबौली, नहर घाट, गंगा बैराज, सरसैया घाट, गोला घाट, मैस्कर घाट, रतनपुर, स्वरूप नगर, गोविंद नगर, कल्याणपुर, बर्रा विश्व बैंक में सामूहिक छठ पूजन किया गया। तमाम जगहों पर तो महिलाओं ने घर की छत पर टब में जल भरकर उसमें खड़ी हुईं और अर्घ्य दिया।
कल उगते हुए सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य
मंगलवार को उगते हुए सूर्य को महिलाएं अर्घ्य देंगी। इसी के साथ ही व्रत का पारण किया जाएगा। 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण ठेकुआ और अदरक का प्रसाद खाकर किया जाएगा। भोर में तीन बजे ही महिलाएं घाटों पर पहुंचने लगेंगी। सूर्योदय तक छठ मइया की महिमा के गीत गाए जाएंगे और फिर अरुणोदय होते ही अर्घ्य देकर एक दूसरे की मांग में सिंदूर भरेंगी।

महापौर ने अरमापुर और पनकी में किया छठ पूजन
महापौर प्रमिला पांडेय ने सोमवार शाम अरमापुर और पनकी घाट में डूबते सूरज को अर्घ दिया। महापौर प्रमिला पांडे सबसे पहले अरमापुर घाट पहुंची जो उन्होंने बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ डूबते सूरज को अर्घ देकर पूजन किया इस दौरान चारों तरफ जय छठ मैया के जयकारे गूंजते रहे।
महापौर ने कहा कि यह पर्व न सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु और पर्यावरण के प्रति श्रद्धा का भी प्रतीक है। अरमापुर में पूजन के बाद महापौर प्रमिला पांडेय पनकी पहुंची जहां पर उन्होंने मौजूद महिलाओं को छठ पूजा की शुभकामनाएं प्रेषित की और यहां पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी रश्मि सिंह ने भी सरसैया घाट पर पूजन किया।
