बरेली बवाल: कोर्ट से तौकीर को राहत नहीं...11 नवंबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत, फतेहगढ़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी
बरेली, अमृत विचार। शहर में बवाल कराने के मास्टरमाइंड आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। पूरे मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने उनकी रिमांड 11 नवंबर तक बढ़ा दी है, लिहाजा मौलाना के जेल से बाहर आने का रास्ता फिलहाल साफ होता नहीं दिख रहा।
मंगलवार को सीजेएम अल्का पाण्डेय की अदालत में मौलाना को पेश किया गया। मौलाना तौकीर रजा इस वक्त फतेहगढ़ की जेल में बंद हैं। लिहाजा कोर्ट में वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। सीजेएम अल्का पाण्डेय की कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत को 11 नवंबर तक बढ़ा दिया। दूसरी तरफ बवाल में शामिल मौलाना के दूसरे सहयोगी भौतिक रूप से कोर्ट में पेश हुए। वहीं कोर्ट से फौरी राहत नहीं मिलना तौकीर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
बता दें कि आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के आह्वान पर 26 सितंबर को नमाज के बाद आई लव मुहम्मद पोस्टर को लेकर शहर में विरोध प्रदर्शन कर रहे उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर फायरिंग करते हुए दुकानों में तोड़-फोड़ की थी। शहर में बवाल कराने के लिए गैर जनपद से गैंगस्टर तक बुलाए गए थे। साथ ही पश्चिम बंगाल और बिहार से लोगों को बुलाया गया था। इतना ही नहीं एसपी सिटी मानुष पारीक के गनर का एंटी रायट गन छीनते हुए पुलिस का वायरलेस सेट भी उपद्रवियों ने लूट लिया था।
बवाल के बाद कोतवाली में पांच, बारादरी में दो, किला, प्रेमनगर और कैंट थाने में एक-एक मुकदमा लिखा गया था। इन मामलों में मौलाना तौकीर रजा खां 14 अक्तूबर को भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश हुए थे। उनके खिलाफ न्यायालय ने छह साल पहले सीएए-एनआरसी के विवाद के दौरान प्रदर्शन करने और 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद शहर में बवाल कराने में दर्ज किए गए 10 मुकदमों में बी वारंट जारी किया था।
