अवध विश्वविद्यालय को देना होगा पांच साल का  संपूर्ण ब्यौरा, राजभवन ने तलब किए रिकॉर्ड

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Edited By Muskan Dixit
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राजभवन का पढ़ाई से रोजगार पर फोकस, नैक को लेकर भी जोर

अयोध्या, अमृत विचार: राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर राजभवन ने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन से पांच वर्षों (2020-2025) के विस्तृत रिकॉर्ड तलब किये हैं। इस जांच का फोकस छात्रों के पास प्रतिशत, रोजगार के अवसरों तथा विभिन्न विभागों की शैक्षणिक व प्रशासनिक स्थिति पर है। विश्वविद्यालय परिसर में इस आदेश से खलबली है।

राजभवन के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल जानी की अगुवाई में एक टीम ने पिछले सप्ताह विश्वविद्यालय का दौरा किया और कौटिल्य प्रशासनिक भवन में समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रिकॉर्ड में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर पास हुए छात्रों की संख्या, उनके प्लेसमेंट रेट तथा विभागीय प्रदर्शन जैसे कला, विज्ञान, वाणिज्य, कृषि एवं फार्मेसी का डेटा शामिल हो। विश्वविद्यालय के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, वर्तमान में यहां करीब पांच लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि से हैं।

यह कदम उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की राज्यपाल की प्राथमिकता से जुड़ा है। पांच वर्षों में अवध विश्वविद्यालय ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं, जैसे 30वां दीक्षांत समारोह (अक्टूबर 2025) में 25 लाख से अधिक योग शपथों के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना। फिर भी, राजभवन की समीक्षा में विकास परियोजनाओं जैसे 24 घंटे बिजली आपूर्ति, तालाब निर्माण एवं नैक ग्रेडिंग पर जोर दिया गया। राज्यपाल ने 13 अक्टूबर को हुए विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा था कि इसे प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ संस्थान बनाना है।

विश्वविद्यालय स्रोतों के मुताबिक रिकॉर्ड संकलन में चुनौतियां हैं, खासकर कोविड काल (2020-22) के दौरान ऑनलाइन परीक्षाओं के डेटा को एकत्र करने में। विभिन्न विभागों में शोध कार्यों एवं प्रयोगशालाओं की स्थिति पर भी सवाल उठे हैं। शिक्षक संघ के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, हड़बड़ी में रात-दिन काम हो रहा है, लेकिन यह गुणवत्ता वृद्धि का अवसर है। राजभवन से मिली जानकारी के अनुसार, समीक्षा रिपोर्ट दिसंबर तक प्रस्तुत की जानी है, जिसके आधार पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

राजभवन से मांगा गया रिकॉर्ड तैयार कराया जा रहा है। सभी विभाग इस पर लगे हुए हैं। मूल रूप से रोजगार प्राप्त छात्रों को संकलित किया जा रहा है।-आर एन पांडेय, मीडिया प्रभारी, अवध विश्वविद्यालय।

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