Bareilly : जिन लोगों के नाम 2003 की मतदाता सूची में, नहीं देने होंगे दस्तावेज

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह ने निर्वाचक नामावलियों का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य (एसआईआर) शुरू कराने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार शाम राजनैतिक दलों के साथ बैठक की। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों के नाम 2003 की मतदाता सूची में शामिल हैं, उन्हें कोई दस्तावेज नहीं देने होंगे।

बैठक में बताया कि 1951 से अब तक आठ बार निर्वाचक नामावलियों का गहन पुनरीक्षण हुआ है, इसके पहले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण वर्ष 2003 में हुआ था। करीब 22 वर्ष के अंतराल के बाद पुनः गहन पुनरीक्षण कार्य किया जा रहा है। आयोग के निर्देशों के अनुरूप किसी भी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता न हों, इसके लिए मतदेय स्थलों के सत्यापन एवं संभाजन की प्रक्रिया भी इसी दौरान पूरी की जायेगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में राजनैतिक दलों की सहभागिता बढ़ाने, उनका सक्रिय सहयोग प्राप्त करने के लिए बूथ लेबल एजेंट की व्यवस्था बनायी गयी है, ताकि उन्हें जनता तथा बीएलओ को सहयोग करने का पूरा मौका मिल सके। राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि जनपद की नौ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में बूथवार या मतदान केन्द्रवार अपना बीएलए नियुक्त करें। प्रत्येक बीएलए प्रतिदिन 50 फार्म पूर्ण रूप से भरकर बीएलओ के माध्यम से भी जमा करा सकते हैं।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बीएलओ को घर-घर जाकर गणना कार्य के दौरान मतदाताओं के सत्यापन के लिए कई बातों को ध्यान रखने के बारे में बताया। जिस मतदाता का जन्म 1 जुलाई 1987 के पूर्व हुआ और ऐसे मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में है तो उनसे गणना प्रपत्र भरवाना है और दस्तावेजों के रूप में केवल 2003 की मतदाता सूची को साक्ष्य के रूप में मान्य होगी। मतदाता का जन्म 1 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ, लेकिन 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं है तो ऐसे मतदाताओं को जन्म तिथि या जन्म स्थान को प्रमाणित करने के लिए भी दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा। 

मतदाता का जन्म 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच हुआ तो उन्हें स्वयं का व अपने माता या पिता की जन्मतिथि या जन्म स्थान को प्रमाणित करने के लिए सूची में अंकित दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा। यदि माता या पिता का 2003 की मतदाता सूची में नाम है तो उन्हें माता या पिता का कोई दस्तावेज उपलब्ध कराने की आवश्यकता नहीं है। 2003 की मतदाता सूची ही साक्ष्य के रूप में मान्य रहेगी। मतदाता का जन्म भारत में 2 फरवरी 2004 के बाद हुआ तो उन्हें अपनी जन्मतिथि या जन्म स्थान का प्रमाण पत्र एवं माता या पिता में से एक का जन्मतिथि और जन्म स्थान को प्रमाणित करने के लिए सूची में अंकित कोई भी दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा। एसआईआर के लिए 2003 की मतदाता सूची को आधार माना है। नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, एसीएम, एसडीएम सदर, राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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