स्मार्ट स्टडी प्लान से फर्स्ट अटेम्प्ट में क्रैक करें सीटेट परीक्षा

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) भावी शिक्षकों की योग्यता निर्धारित करने के लिए सीबीएससी द्वारा देशभर में आयोजित की जाने वाली परीक्षा है। हाल ही में सीबीएससी ने सीटेट का नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसकी परीक्षा 8 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा पास करने के लिए अभ्यर्थियों को एक मजबूत स्टडी प्लान तैयार करना चाहिए। एक ठोस स्टडी प्लान अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रिपरेशन का एक स्पष्ट मार्ग तैयार करती है। इसके लिए अच्छी एग्जाम क्रैकिंग स्ट्रैटजी को फॉलो करना जरूरी है। आज हम आपको बताते हैं कि परीक्षा की प्रिपरेशन कैसे करें, जिससे आफ फर्स्ट अटेंप्ट में सफल हो सकते हैं।  

परीक्षा के पाठ्यक्रम और पैटर्न को समझें 

सीटेट परीक्षा में प्राथमिक और जूनियर स्तर की में 150-150 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में बाल विकास एवं शिक्षण विधि से -30 प्रश्न,  भाषा-1 हिंदी से 30 प्रश्न,  भाषा-2 अंग्रेजी/संस्कृत/उर्दू से 30 प्रश्न,  गणित से 30 प्रश्न और पर्यावरणीय अध्ययन से 30 प्रश्न पूछे जाते हैं। वहीं उच्च प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में बाल विकास और शिक्षाशास्त्र से 30 प्रश्न,  गणित और विज्ञान/सामाजिक अध्ययन या सामाजिक विज्ञान विषय से 60 प्रश्न, भाषा-1 हिंदी से 30 प्रश्न तथा भाषा-2 अंग्रेजी/संस्कृत/उर्दू से 30 प्रश्न पूछे जाते हैं। 

न्यूनतम उत्तीर्ण अंक- सामान्य वर्ग – 60 प्रतिशत (90 अंक), आरक्षित वर्ग- 55 प्रतिशत (82 अंक)

स्टडी प्लान बनाएं :  एक स्टडी प्लान बनाएं और अपना समय सबजेक्ट वाइज बराबर-बराबर बांटें और उन विषयों पर को ज़्यादा समय दें, जिसमें आप कमजोर हैं। खुद को लगातार इंप्रूव करने के लिए स्टडी प्लान को फॉलो करें।

प्रामाणिक अध्ययन सामग्री का उपयोग करें: सीटेट की तैयारी के लिए विश्वसनीय और प्रामाणिक अध्ययन सामग्री का उपयोग करें। एनसीआरटी की पाठ्यपुस्तकों, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों और सीटेट के लिए विशेष रूप से तैयार की गई स्टडी गाइडेंस को फॉलो करें। एग्जाम से रिलेटेड नवीनतम शैक्षिक विकास और नीतियों से अपडेट रहना सुनिश्चित करें।

मॉक टेस्ट की प्रैक्टिस और एनॉलिसिस करें:  एग्जाम के पैटर्न से खुद को परिचित कराने और टाइम मैनेटमेंट में सुधार करने के लिए नियमित रूप से मॉक टेस्ट और सैंपल पेपर हल करें। अपने परफॉर्मेंस का एनॉलिसिस करें, जिन टॉपिक में कमजोर हैं, उसकी पहचान करें और उन्हें मजबूत करने पर फोकस करें। यह प्रैक्टिस आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और आपकी समस्या-समाधान क्षमताओं को निखारेगा।

शिक्षाशास्त्र और बाल विकास पर ध्यान दें: सीटेट परीक्षा के लिए शिक्षाशास्त्र और बाल विकास बेहद महत्वपूर्ण पक्ष है। बाल मनोविज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों, शिक्षण विधियों और सिद्धांतों को समझें। शिक्षण अधिगम प्रक्रियाओं से संबंधित प्रश्नों को अच्छे से तैयार करें, जिससे बाल विकास को समझने में आसानी होगी। 

नोट्स बनाएं- किताबों से पढ़ाई करना जरूरी है, लेकिन नोट्स बनाने से याददाश्त और समझ में काफी सुधार हो सकता है। मुख्य कांसेप्ट का सारांश, महत्वपूर्ण सूत्र लिखना और प्रत्येक विषय के महत्वपूर्ण बिंदुओं को हाइलाइट करना, जल्दी रिवीजन विषय को मज़बूत करने में मदद करता है। 

 

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