UP: 20 से ज्यादा नेपाली हाथियों ने बोला था धाबा...PTR की महोफ रेंज में अब भी गजराज का डेरा
पीलीभीत, अमृत विचार। नेपाल के जंगली हाथियों का उपद्रव बढ़ता जा रहा है। शनिवार रात नेपाल की ओर से आए 20 से अधिक हाथियों के झुंड ने शारदा पार इलाके में धावा बोल दिया। इस दौरान हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। घरों में सो रहे ग्रामीण हाथियों के चिंघाड़ने के आवाज सुनकर भाग खड़े हुए।
बताते हैं कि इसी झुंड में शामिल एक हाथी ने पहले बुजुर्ग की झोपड़ी को तहस नहस किया और फिर सो रहे बुजुर्ग को रौंदकर मार डाला। आसपास खेतों में खड़ी फसलों को भी उजाड़ दिया और फिर हाथियों का झुंड नेपाल की ओर वापस लौट गया। घटना के बाद से सीमांत गांवों में खासी दहशत देखी जा रही है।
नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी की सीमा पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटी हुई है। पिछले कई सालों से नेपाली हाथी पड़ोसी देश नेपाल और पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटी हुई लखीमपुर खीरी की किशनपुर सेंचुरी से आते-जाते रहते हैं। यह दीगर बात है कि पिछले कुछ सालों की नेपाली हाथियों की आमद में कमी आई है। मगर, पिछले कुछ माह से नेपाली हाथियों की दस्तक बढ़ने के साथ इनका उपद्रव भी बढ़ा है। पिछले सप्ताह भर से दो नेपाली हाथी पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में डेरा जमाए हुए ही हैं।
इधर शनिवार रात नेपाल की शुक्ला फांटा सेंचुरी से आए 20 से अधिक हाथियों के झुंड ने कलीनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत शारदा नदी के पार ग्राम पंचायत नगरियाखुर्द के गांव ढकिया ताल्लुके महाराजपुर इलाके में धावा बोल दिया। ग्रामीणों के मुताबिक जंगली हाथियों के झुंड ने पहले तो रास्ते में पड़ने वाले खेतों में खड़ी गन्ने और सोयाबीन की फसलों को रौंदा। वहीं जद में आ रही झोपड़ियों को भी तहस नहस करना शुरू कर दिया। घरों में सो रहे ग्रामीणों ने जब हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनी तो इधर-उधर भागना शुरू कर दिया। महिलाएं बच्चों को लेकर आसपास सुरक्षित दुबक गई।
बताते हैं कि हाथियों ने पांच से अधिक ग्रामीणों की झोपड़ियो को तहस नहस कर दिया। इस बीच हाथियों के झुंड में शामिल एक हाथी ने गांव के बुजुर्ग पुन्नो की झोपड़ी पर हमला कर दिया। पहले हाथी ने बुजुर्ग की झोपड़ी को तहस नहस कर डाला। इसी बीच हाथी ने सो रहे 73 वर्षीय बुजुर्ग पुन्नों को रौंद डाला। जिससे बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। बुजुर्ग ग्रामीण के हाथ-पैरों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में जख्म मिले। बुजुर्ग की मौत की जानकारी लगने के बाद कुछ ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाते हुए शोर-शराबा करना शुरू कर दिया। तब कहीं काफी देर बाद हाथियों का झुंड नेपाल की ओर वापस चला गया।
घटना की जानकारी रविवार सुबह ग्राम प्रधान विवेकानंद ने पुलिस को दी। इसके बाद ग्राम प्रधान, डिप्टी रेंजर मोहम्मद आरिफ और रमनगरा पुलिस शारदा पार इलाके में पहुंचे। टीम ने जांच पड़ताल करने के बाद ग्रामीणों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद हाथी रात को ही नेपाल की ओर चले गए। जंगल से गांव की दूरी करीब 04 किमी बताई जा रही है। घटना को लेकर सीमांत गांवों में दहशत फैली हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से बराही रेंज की टीमों को निगरानी के लिए लगाया गया है। इंस्पेक्टर माधोटांडा अशोक पाल ने बताया कि ग्राम प्रधान की ओर प्रार्थना पत्र दिया गया। इसमें बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पांच दिन से देखे जा रहे थे हाथी, निगरानी के नाम पर खानापूरी
घटना के बाद से ढकिया ताल्लुके महाराजपुर समेत आसपास के सीमांत गांवों में दहशत फैली हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पर 20 से अधिक नेपाली हाथियों ने हमला किया था। करीब पांच से दिन जंगली हाथी रात को क्षेत्र में देखे जा रहे हैं। फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथी रात को ही नेपाल की ओर लौट जाते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जंगली हाथियों के लगातार आने की सूचना वन विभाग को भी लगातार दी जा रही है। इसके बावजूद निगरानी के नाम पर महज खानापूरी ही की जा रही है। क्षेत्रीय वनकर्मी यहां झांकने तक नहीं आ रहे हैं। यदि इसी तरह चलता रहा तो जंगली हाथी किसी दिन अन्य ग्रामीणों की भी जान ले सकते हैं।
