करीम का करामत : राजेंद्रनगर के करीम पहुंचे माउंट एवरेस्ट बेस कैंप...बने बरेली के पहले पर्वतारोही
बरेली, अमृत विचार। शहर के राजेंद्र नगर निवासी करीम खान ने अपने अदम्य साहस और मन में दृढ़ संकल्प लेकर माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने का सपना पूरा किया है। उनकी उपलब्धि ने बरेली का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि हासिल करने के साथ करीम खान शहर के पहले पर्वतारोही बन गए हैं।

करीम खान ने समुद्र तल से 5,364 मीटर (17,598 फुट) की ऊंचाई तक का लगभग 150 किलोमीटर लंबा ट्रैक 12 दिनों में पूरा किया। इस कठिन अभियान के दौरान तापमान माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तक गिरा और ऑक्सीजन का स्तर मात्र 50 प्रतिशत रह गया। पूरे अभियान में लगभग दो लाख रुपये का व्यय हुआ। करीम के साथ अभियान में कुल 13 सदस्य शामिल थे, लेकिन बरेली से वे अकेले और पहले प्रतिभागी रहे। इससे पूर्व वे भारत में स्थित केदारकांडा शिखर (12,500 फीट) की चढ़ाई भी कर चुके हैं।
इधर, बुधवार की रात फोन पर हुई बातचीत में करीम खान ने बताया कि वर्ष 2018 में माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने का सपना देखा था, जिसे वह अब पूरा कर सके। करीम ने बताया कि यह अनुभव मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। अगर मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं है। उनकी इस सफलता से बरेली में गर्व और उत्साह का माहौल है।
वह अभी काठमांडू में हैं और 10 नवंबर को बरेली पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि 25 अक्टूबर को यात्रा शुरू की जो बुधवार को पूरी हुई। हिमालयन सोशल जर्नी ट्रैकिंग प्राइवेट लिमिटेड काडमांडू ने करीम खान के नाम एडवेंचर सर्टिफिकेट भी बुधवार को जारी किया। वर्तमान में वह दिल्ली में द सिजर्स हब नामक यूनिसेक्स सैलून चेन संचालित करते हैं। इससे पहले वह छह वर्ष तक जापानी कंपनी तोशिबा इंडिया में कार्य कर चुके हैं।
