नगर निगम में बांग्लादेशी सफाईकर्मियों की तलाश शुरू, कार्यदाई संस्थाओं से लगे कर्मचारियों का कराया जाएगा सत्यापन
भाजपा नेता बृजलाल ने लगाया था आरोप, सुरक्षा पर उठाए थे सवाल
लखनऊ, अमृत विचार: नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में कार्यदाई संस्थाओं के माध्यम से सफाईकर्मी के रूप में काम कर रहे कर्मचारियों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। भाजपा नेता बृजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल और कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने इस पर सवाल उठाते हुए देश की सुरक्षा को खतरा बताया था।
लखनऊ स्वच्छता अभियान (एलएसए) की निजी कर्मचारियों द्वारा घरों से कूड़ा उठाये जाने की शिकायत पर इंदिरा नगर में ठेलिया जब्त करने के दौरान कई नगर निगम टीम के कर्मचारियों के साथ हाथापाई हुई थी। इसके बाद मौके पर पहुंची महापौर ने शहर में घरों से कूड़ा उठाने वाले बांग्लादेशी कर्मचारियों की जांच के निर्देश दिए थे। हालांकि, जांच में लीपापोती होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। भाजपा नेता बृजलाल के नगर निगम में बांग्लादेशी सफाई कर्मचारियों के काम करने वाले बयान के बाद मामला एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है।
शहर की सफाई आसाम के कर्मचारियों पर निर्भर
शहर की सफाई बाहरी सफाई कर्मचारियों पर निर्भर है। सूत्रों के अनुसार नगर निगम में कार्यदाई संस्थाओं के माध्यम से असम और बांग्लादेश के सैकड़ों कर्मचारी सफाईकर्मी और कूड़ा गाड़ी के ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं। नगर निगम इन पर इतना निर्भर है कि इनके छुट्टी पर चले जाने पर शहर का कूड़ा उठाना मुश्किल हो जाता है।
