कानपुर : ट्रक-डीसीएम की भिड़ंत में दो की मौत, तीसरा गंभीर

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। महाराजपुर के नर्वल मोड़ पर गुरुवार तड़के ट्रक और डीसीएम की भिड़ंत में चालक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो गंभीर घायलों को अस्पताल भेजा गया। हैलट में इलाज के दौरान एक परिचालक ने भी दम तोड़ दिया। घरवालों ने बताया कि डीसीएम चालक व परिचालक कलकत्ता से लौट रहे थे। दोनों मृतक व घायल हरियााणा के रहने वाले हैं।

हरियाणा के देवड़ा नगली निवासी हजार खान का ---बेटा मकसूद डीसीएम चालक था। परिजनों ने बताया कि बीते सप्ताह वह डीसीएम लेकर कलकत्ता के लिए निकला था। उसके साथ हरियाणा के ही हींगलपुर मेवात निवासी सब्बीर खान का 22 वर्षीय बेटा सगीर व एक अन्य परिचालक भी था। तीनों गुरुवार रात घर के लिए लौट रहे थे।

सगीर का बड़ा भाई मुस्तकीम ने बताया कि नर्वल मोड़ के पास भोर पहर तीन बजे हादसा हुआ है। फतेहपुर से कानपुर आ रहे किसी तेज गति वाहन ने ओवरटेक करते समय पीछे से जोरदार टक्कर मारी, जिससे डीसीएम डिवाइडर पर चढ़कर दूसरी लेन कानपुर से फतेहपुर पर पहुंच गई।

इसी बीच सामने से आए ट्रक से भिड़ंत में मकसूद की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि सगीर व दूसरे साथी को अस्पताल ले जाया गया। हैलट में इलाज के दौरान सगीर ने भी दम तोड़ दिया। मुस्तकीम ने बताया सगीर चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। बड़े भाई कयूब की भी तीन साल पहले हादसे में मौत हुई थी। पिता बकरी चराते हैं, सगीर ही मेहनत कर परिवार का खर्च उठाता था।

महाराजपुर थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार पांडेय ने बताया कि परिजनों से पता चला कि डीसीएम में सवार तीसरा परिचालक दूसरे वाहन पर था। साथियों के घर जाने का पता चलने पर वह भी उनके साथ डीसीएम में सवार हो गया था। उसकी हालत में सुधार है। डीसीएम में पीछे से टक्कर मारने वाले वाहन के बारे में पता किया जा रहा है। 

आधे घंटे की मशक्कत से अलग हुए वाहन
हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस को हाईवे पर भिड़े खड़े वाहनों को अलग करने में आधे घंटे लग गए। पुलिसकर्मियों के अनुसार दोनों वाहनों का अलगा हिस्सा एक दूसरे से फंसा था। जिसे अलग कर घायलों को अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने मकसूद को ब्रॉडडेड बता दिया। डीसीएम का अलगा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। 

दो घंटे बाद दुरुस्त हुआ यातायात 
वाहनों की भिड़ंत से कानपुर से फतेहपुर लेन पर जाम लग गया। रात में ट्रकों की आवाजाही के कारण दूर तक दर्जनों ट्रक खड़े हो गए। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हाईवे से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर किनारे खड़ा कराया गया, तब जाकर यातायात सुचारू हो सका।

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