जनआंदोलन का रूप ले रही सहकारिता, लोकतांत्रिक व्यवस्था में सशक्त हो रही है भूमिका : सुनील गुप्ता
लखनऊ। सहकार भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने रविवार को कहा कि सहकारिता अब जनआंदोलन का रूप ले रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसकी भूमिका सशक्त हो रही है श्री गुप्ता ने बताया कि सहकार भारती के सुझावों पर आधारित नई सहकारिता नीति 2025 के लागू होने से सहकारी क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। सहकार भारती उत्तर प्रदेश के गन्ना प्रकोष्ठ का पहला प्रदेशीय सम्मेलन रविवार को यहां के विधानसभा मार्ग पर स्थित चौधरी चरण सिंह सहकारिता भवन सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सहकार भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ के उपसभापति ऋषिकांत राय, प्रदेश गन्ना प्रकोष्ठ प्रमुख अजय वीर सिंह और प्रदेश महिला प्रमुख मीनाक्षी राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह की तस्वीर का अनावरण कर उन्हें नमन किया गया।
वहीं, श्री सिंह ने कहा कि देशभर में 168 गन्ना सहकारी समितियाँ कार्यरत हैं, जिनमें से 27 सहकारी चीनी मिलें हैं। उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन में अग्रणी है, पर समितियों में पारदर्शी चुनाव और किसानों को समय पर भुगतान आवश्यक है। श्री राय ने कहा कि सहकारिता का संचालन जब भी सरकारी तंत्र के हाथों में गया, तब नुकसान हुआ, पर नई नीति के बाद पारदर्शिता आई है।
प्रदेश संगठन प्रमुख कर्मवीर सिंह ने कहा कि कई मिलें किसानों का भुगतान समय पर नहीं कर रही हैं। उन्होंने किसानों से संगठन से जुड़ने की अपील की ताकि उनकी समस्याएँ सरकार तक प्रभावी रूप से पहुँच सकें। उन्होंने हरियाणा की तर्ज पर गन्ना मूल्य वृद्धि की भी मांग की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री को संबोधित 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें गन्ना भुगतान, समितियों के चुनाव, मूल्य निर्धारण और बंद मिलों के पुनः संचालन जैसी मांगें शामिल हैं।
