बरेली:भाकियू और राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार

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अमृत विचार, बरेली। कृषि कानून के विरोध में सोमवार को राजनीतिक दल और किसान संगठन एकजुट नजर आए। सभी ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर कानून का विरोध करते हुए प्रभाव समाप्त करने की मांग केंद्र सरकार से की। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम को दिया। हालांकि इस दौरान कलेक्ट्रट पर भारी पुलिस बल …

अमृत विचार, बरेली। कृषि कानून के विरोध में सोमवार को राजनीतिक दल और किसान संगठन एकजुट नजर आए। सभी ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर कानून का विरोध करते हुए प्रभाव समाप्त करने की मांग केंद्र सरकार से की। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम को दिया। हालांकि इस दौरान कलेक्ट्रट पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा, लेकिन किसान यूनियन के कार्यकर्ता एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह लोग कलेक्ट्रेट गेट तक किसी तरह पहुंच गए। यहां उन्होंने सड़क पर बैठक कर प्रदर्शन शुरू कर दिया और केंद्र सरकार के कानून वापस लेने की मांग की।

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कृषि कानून का जमकर विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इससे किसानों का अनहित होगा। सरकार पूंजीपतियों के हित का काम कर रही है, जिसे किसान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। किसान नेताओं ने बताया कि कानून के मुताबिक किसान दूसरी मंडी में अपना गल्ला बेच सकते हैं। लेकिन जिन किसानों के पास अनाज कम है। वह किराया कहां से देगा। पूंजीपति किसानों की फसल को स्टोर कर लेंगे। इससे मंहगाई और अधिक बढ़ेगी।

किसानों ने मांग की है कि सरकार उन पूंजीपतियों के खिलाफ कानून लाए, जो किसानों की फसल के कम दाम लगाते हैं। किसान नेताओं ने कलेक्ट्रेट में एसीएम को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देकर कृषि कानून वापस लेने की मांग की है। इस दौरान यूनियन के दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे। उधर, भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी के सदस्यों ने धरना देकर कृषि कानून का विरोध जताया। इस मौके पर यूनियन के जिला अध्यक्ष अशफीलाल कनौजिया, विनोद पटेल, प्रवेश पटेल, राकेश आदि मौजूद रहे।

राष्ट्रीय लोकदल ने की कानून की निंदा
राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने महानगर अध्यक्ष सर्वेश पाठक हवन पूजन कर कृषि कानून का विरोध जताया। इस मौके पर पार्टी के जिला अध्यक्ष वाकर अली ने कहा कि सरकार की बुद्धि कुंद हो गई है। कहा जब तक सरकार इस ओर ध्यान नहीं देगी आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर कमलजीत सिंह, शबाना खान एडवोकेट, ओमपाल कश्यप, हिमांशु गोस्वामी, समीर खां, महेन्द्र पाल, मोहम्मद असलम आदि मौजूद रहे।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने जताया विरोध
कृषि कानून के विरोध में सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी धरना दिया। इस मौके पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला मंत्री टीआर लोधी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम को दिया। तीन सूत्रीय ज्ञापन में अंकित सभी मांगे पूरी करने की मांग की। इस मौके पर एडवोकेट राजेश तिवारी, साजिद अब्बासी, सतीश कुमार सिंह, पीसी पंत, रामनाथ राठौर, उमेश बाल्मीकि, चंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

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