Bareilly: शहाबुद्दीन बोले-2027 में अखिलेश किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करें
बरेली, अमृत विचार। सपा मुखिया अखिलेश यादव गुरुवार को बरेली पहुंचेंगे। मगर उनके आने से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यूपी के 20 प्रतिशत मुसलमानों और 7 प्रतिशत यादवों और 5 प्रतिशत अन्य लोगों ने सामूहिक तौर पर वोट देकर मुलायम सिंह यादव को कई बार मुख्यमंत्री बनाया। फिर अखिलेश यादव को सीएम की कुर्सी पर बैठाया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी को खड़ा करने मे कोई भूमिका नही निभाई, बल्कि बनी बनाई इमारत पर आकर बैठ गए। सपा को खड़ा करने मे शिवपाल यादव और आजम खां की खास भूमिका रही है, मगर जिस दिन से अखिलेश यादव ने सपा की कमान संभाली, दूसरे ही दिन से इन दो लोगों को हाशिए पर डाल दिया गया। जिसकी वजह से दो बार विधानसभा के चुनाव और तीन बार लोकसभा चुनाव मे समाजवादी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा।
मौलाना ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए पूछा कि 20 प्रतिशत मुसलमानो के कंधों पर सवार होकर आपका परिवार कब तक मुख्यमंत्री बनता रहेगा। क्या मुसलमान को मुख्यमंत्री बनायेंगे। उत्तर प्रदेश के मुसलमानो की मांग है कि बहुत जल्द समाजवादी पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जाए और उस बैठक में मुसलमान मुख्यमंत्री बनाने जाने का प्रस्ताव पास करायें। मुलायम परिवार के लोगो को कई बार मुसलमान मुख्यमंत्री बना चुका है, मगर अब मुसलमानों की बारी है, इस पर अखिलेश को गंभीरता से विचार करना होगा।
मौलाना ने कहा कि समाजवादी पार्टी का पूरा ढांचा मुसलमानों पर टिका है, मुसलमानों ने मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और उनके परिवार को बहुत कुछ दिया है, मगर ये लोग जब सत्ता में आए तो इन्होंने मुसलमानों को कुछ नहीं दिया। यहां तक कि लोकसभा हो या विधानसभा मुसलमानों की आबादी के हिसाब से टिकट भी नही दिये गये। जिन जातियों की आबादी 2%, 5%, 7% है उनको दो गुना ज्यादा टिकट दिये गये। मुसलमानों की सबसे ज्यादा 20 प्रतिशत आबादी है इन्हीं को सबसे कम टिकट दिए गए। मगर अब सपा में रहने वाले मुसलमान भी जाग उठे हैं, 2027 मे अगर आबादी के हिसाब से टिकट नही दिये गये तो सपा के अंदर ही बगावत हो जायेगी।
मौलाना ने आगे कहा कि किसी नेता के किसी व्यक्ति के घर चले जाने से या खाना खा लेने से पूरी कौम की किस्मत नही बदल सकती है, बल्कि उल्टा प्रभाव पड़ता है। अखिलेश यादव ये ना समझे की हम किसी मुसलमान के घर खाना खा लेंगे तो पूरी मुस्लिम कौम की भलाई हो जायेगी। आज के दौर का मुसलमान जागरूक और पढ़ा लिखा है, वो खूब भली भांति तमाम चीजों को समझता है।
