ओवरलोडिंग सिंडिकेट में तत्कालीन आरटीओ, एआरटीओ समेत कई रडार पर, फरार दलाल और अन्य की तलाश में टीमें गठित
लखनऊ, अमृत विचार: ओवरलोडिंग सिंडिकेट के एसटीएफ द्वारा भंडाफोड़ के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार दलाल अभिनव पांडेय के पास से बरामद तीन रजिस्टरों में एसटीएफ को 14 साल का रिकार्ड मिला है, जिसमें विभाग को जाने वाली रकम, रूट चार्ट, तारीख और वाहनों के मालिक/चालक का नाम व मोबाइल नंबर दर्ज हैं। लखनऊ में कानपुर, सीतापुर, अयोध्या, सुल्तानपुर और हरदोई रूट से आने-जाने वाले ओवरलोडिंग वाले वाहनों की संख्या प्रतिदिन लगभग 1,500 है।
एसटीएफ ने दर्ज मामले में एआरटीओ राजू बंसल और पीटीओ मनोज भारद्वाज को भी आरोपी बनाया है। गिरफ्तार आरोपी अभिनव के बयान के बाद पूर्व आरटीओ और तत्कालीन एआरटीओ समेत कई अन्य अधिकारी रडार पर हैं। एसटीएफ और पुलिस सभी की कुंडली खंगाल रही हैं।
जांच अधिकारी एसीपी अलीगंज सैयद अरीब अहमद ने बताया कि आरटीओ लखनऊ को एफआईआर के साथ एक नोटिस भेजी गई है, जिसमें मुकदमे में आरोपी बने एआरटीओ राजू बंसल, पीटीओ मनोज भारद्वाज और दीवान अनुज व गिरिजेश के बारे में सारी जानकारी मांगी गई है। साक्ष्य जुटाने के बाद एआरटीओ, पीटीओ और दोनों दीवान को नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया जाएगा। साक्ष्य मजबूत होने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
आरोपी अभिनव पांडेय के व्हाट्सएप अकाउंट की जांच भी की जा रही है। उसके मोबाइल में UNDERLOD01 नामक व्हाट्सएप ग्रुप मिला, जिसमें 122 लोग हैं। इसमें सुनील सचान और अन्य द्वारा गाड़ियों की लोकेशन, क्लीयरेंस के ऑडियो और मैसेज किए गए थे। सभी 122 लोगों की कॉल डिटेल खंगाली जाएगी। जेल गए आरोपी अभिनव के भाई रितेश कुमार पांडेय और अन्य की तलाश में टीमें गठित की गई हैं। रितेश के गिरफ्तारी के बाद कई और खुलासे होने की संभावना है।
फरार आरोपी विनोद यादव पूर्व आरटीओ का निजी चालक था और उसी ने पूरी सेटिंग करवाई थी। एसीपी ने कहा कि पूर्व आरटीओ का नाम विनोद या दलाल रितेश के गिरफ्तारी के बाद ही साफ होगा।
एक माह में निकले 46 हजार ओवरलोड वाहन, चालान हुए 51
एसटीएफ और मड़ियांव पुलिस की जांच में पता चला कि लखनऊ में प्रतिदिन 1,500 ओवरलोडिंग वाहन आते-जाते हैं। एक-दो वाहनों पर कार्रवाई कर अन्य ओवरलोड वाहनों को प्रवर्तन टीम की मदद से पास कराया जाता था। केवल अक्टूबर माह में लखनऊ से करीब 46 हजार ओवरलोड वाहन गुजरे। प्रवर्तन टीम ने 51 वाहनों का चालान कर लगभग 13 लाख रुपये वसूले और 31 वाहन बंद किए। पिछले छह माह में 16.20 लाख ओवरलोड वाहन सड़कों से गुजरे, जिनमें केवल 3,001 वाहनों के चालान हुए जबकि बंद किए गए वाहन 3,108 थे।
यह था मामला
11 नवंबर की देर रात एसटीएफ और मड़ियांव पुलिस की संयुक्त टीम ने भ्रष्टाचार में लिप्त परिवहन विभाग और दलालों के सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया और एक दलाल अभिनव पांडेय व डंपर चालक कपिल को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि दलाल आईआईएम रोड पर ओवरलोड वाहनों को पास कराने के नाम पर ट्रांसपोर्टर व ट्रक मालिक से प्रति गाड़ी 7,000 रुपये लेते थे। 5–6 हजार रुपये एआरटीओ, पीटीओ समेत अन्य को जाते थे, जबकि शेष रकम दलाल रखते थे। सभी गाड़ियों और लेनदेन का रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज होता था।
निरीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार राय ने मड़ियांव थाने में अभिनव पांडेय, कपिल, पूर्व आरटीओ के निजी चालक विनोद यादव, एआरटीओ लखनऊ राजू बंसल, पीटीओ मनोज भारद्वाज, दीवान अनुज, गिरिजेश, रितेश कुमार पांडेय और सुनील सचान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
वर्जन
फरार आरोपी रितेश कुमार पांडेय, विनोद यादव और सुनील सचान व अन्य की तलाश में पुलिस टीमें गठित की गई हैं। आरटीओ से नामजद आरोपियों के बारे में जानकारी मांगी गई है। मामले की जांच जारी है।
- सैयद अरीब अहमद, एसीपी अलीगंज
