विदेशी बाजार में बढ़ा Kanpur के लेदर बाइबल कवर की मांग, भारत ने ईएफटीए देशों से किये TEPA पर हस्ताक्षर
कानपुर, अमृत विचार। शहर में गंगा में गिर रहे 14 नाले 2027 तक पूरी तरह से टैप्ड होंगे। नालों को बंद करने के लिए 138.11 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद अब अनटैप्ड नालों के इंटरसेप्शन और डायवर्जन के लिये जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जलनिगम के अधिकारियों के अनुसार नालों के टैप्ड होने से शहर में गंगा में नालों के गिरने की समस्या खत्म होगी। इससे गंगा का पानी दूषित होने से बचेगा।
जलनिगम ने सभी अनटैप्ड नालों के टैपिंग कार्य के लिये डीपीआर बनाई थी। जिसपर अनुमानित खर्च 152.02 करोड़ रुपये आने की संभावना थी। जिसे शासन के निर्देश पर जलनिगम ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) को मंजूरी के लिये पत्र भेजा। इन सबके बीच शासन ने 138.11 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
जलनिगम के अनुसार डीपीआर के अनुमोदन व धन आवंटन की स्वीकृति के बाद निविदा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सब कुछ समय पर हुआ तो जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जलनिगम के परियोजना अधिकारी मोहित चक के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो 2 वर्षों में कार्य पूरा हो जायेगा।
शहर में कुल 33 नाले हैं
शहर में कुल 33 नाले हैं। 27 नाले कानपुर नगर में और 6 नाले बिटूर में स्थित हैं। कानपुर नगर के 27 नालों में से 18 नाले गंगा नदी एवं 9 नाले पाण्डु नदी से संबंधित है। गंगा नदी के 18 नालों में 11 नाले टैप्ड, 6 अनटैप्ड एवं 1 नाला बरसाती है। इसी प्रकार पाण्डु नदी के 9 नालों में से 4 नाले टैप्ड, 3 नाले अनटैप्ड एवं 2 नाले आंशिक टैप्ड हैं। अभी अनटैप्ड नालों के सीवेज का शोधन नगर निगम, कानपुर द्वारा बायोरिमेडियेशन के जरिये कराया जा रहा है।
इन नालों से नदियां हो रहीं प्रदूषित
शहर में अभी रानीघाट नाला, गोलाघाट, सतीचौरा, डब्का, मदारपुर व किशनपुर 6 नाले अनटैप हैं, जिससे गंदगी गंगा में गिरती है। इसके अलावा 2 आंशिक टैप्ड परमिया व गुप्तारघाट नाले से ओवरफ्लो होकर सीवेज गंगा नदी मे मिलता है। वहीं पांडु नदी में 3 अनटैप्ड नाले पिपौरी, अर्रा, सागरपुरी नाला गिर रहा है। पांडु नदी में आंशिक टैप्ड 3 नाले हलवाखाड़ा, पनकी थर्मल व गन्दा नाला ओवरफ्लो होकर गिरता है।
