पोलियो वैक्सीन का संकट, बाहर हजार का टीका... जिले के सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण प्रभावित
अयोध्या, अमृत विचार: चिकित्सा सुविधाओं के तमाम दावों के बीच जिले में तीन माह से अति आवश्यक इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (आईपीवी) का संकट है। इसको छिपाकर बैठे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खुलासा तब हुआ जब कल्पना (बदला हुआ नाम) महिला अस्पताल से लेकर श्रीराम अस्पताल तक में अपने बच्चे को यह टीका नहीं लगवा सकी। कल्पना की दिक्कतों को जानकार अमृत विचार ने जिला मुख्यालय से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक पड़ताल की, जिसमें पोलियो वैक्सीन के संकट का सच सामने आया।
भारत को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा 27 मार्च 2014 को पोलियो-मुक्त घोषित किया गया था। हालांकि भारत ने पोलियो उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास जारी रखे हैं, जैसे नियमित टीकाकरण अभियान और निगरानी, ताकि पोलियो के फिर से प्रवेश के जोखिम को कम किया जा सके। इसी कड़ी में प्रत्येक जिलों में टीकाकरण का अभियान भी चलता है। यहां महिला अस्पताल से लेकर श्रीराम चिकित्सालय व अन्य कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण के इंतजाम किए गए हैं, लेकिन इन दिनों लोगों को बड़े संकट का सामना करना पड़ रहा है। बताते हैं कि बाहर यह वैक्सीन हजार रुपये से कम की नहीं मिलती है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
कोई बताया शॉर्टेज तो किसी ने माना संकट
महिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशाराम ने बताया कि हमारे यहां अभी आईपीवी नहीं है। यह नहीं बता सकता कि कब से नहीं है। हालांकि अभी थोड़ी देर पहले सीएमओ ऑफिस में डीआईओ डॉ. पीसी भारती से बात हुई है। उन्होंने कहा कि बुधवार तक पहुंच जाएगी। मवई सीएचसी के अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि पोलियो ड्रॉप है, लेकिन आईपीवी नहीं है। यह वैक्सीन कई दिनों से नहीं आई। खंडासा सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद प्रकाश ने बताया कि आईपीवी की शॉर्टेज रहती है। इधर, काफी दिनों से नहीं आई। अयोध्या धाम स्थित श्रीराम चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी वाईपी सिंह ने कहा कि हमारे यहां भी आईपीवी नहीं है। थोड़ी ही देर में उन्होंने बताया कि हमारे यहां है, जबकि कल्पना नाम की महिला को श्रीराम चिकित्सालय से आईपीवी टीका न होने की बात कहकर लौटा दिया गया था। आईपीवी के टीके को लेकर कई जगहों पर संपर्क किया गया। सूत्र बताते हैं कि इस टीके की शॉर्टेज रहती है। सीएचसी में अगर कोई पहुंच या पहचान वाला आ जाए तो टीका लग भी सकता है। फील्ड में यह टीका मिलना मुश्किल है। शॉर्टेज होने के कारण इसे अपनों के लिए बचाकर रखा जाता है।
वैक्सीन तो है। इसका 14 दिसंबर से अभियान भी चलने वाला है। इसको लेकर मीटिंग होनी थी। सीएम के आने के बाद जिलाधिकारी के साथ प्रस्तावित मीटिंग कैंसिल हो गई। हमारे यहां वैक्सीन की कमी नहीं है। इतनी वैक्सीन आई है कि खत्म ही नहीं हो सकती। -डॉ. पीसी भारती, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
