Sambhal: परिक्रमा के ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट, ड्रोन से निगरानी
संभल, अमृत विचार। अंतरराष्ट्रीय हरिहर सेना के अध्यक्ष व कैला देवी धाम के महंत ऋषिराज गिरी हरिहर मंदिर परकोटे की परिक्रमा करने व पदयात्रा निकालने के अपने फैसले पर अड़े हैं। हालात को देखकर संभल में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विवादित धार्मिक स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। परिसर के नजदीक 100 मीटर ऊंचाई तक ड्रोन कैमरा उड़ाकर छतों की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। वहीं परिसर के चारों तरफ बने बैरियर पर भी सुरक्षा पुख्ता कर दी गई।
अदालत में जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले के पक्षकार महंत ऋषिराज गिरी ने 19 नवंबर को कैला देवी धाम से यात्रा निकालकर संभल में हरिहर मंदिर के परकोटे की परिक्रमा करने का ऐलान किया है। महंत ऋषिराज गिरी का कहना है कि यह परकोटे की परिक्रमा नई परंपरा नहीं है बल्कि यह संभल की परिक्रमाओं में से प्रमुख है और पुराने समय से होती चली आई है। ऋषिराज गिरी ने कहा कि विवादित स्थल है तो नमाज भी बंद होनी चाहिए, नहीं तो हमें हरिहर मंदिर परकोटे की परिक्रमा करने में क्या परेशानी है।
कहा कि हम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं,अंदर नहीं जा रहे हैं। 19 नवंबर 2024 को हमारे द्वारा हरिहर मंदिर होने का दावा कोर्ट में पेश किया गया था। 1 वर्ष पूरा हुआ है इसलिए सनातनी भाइयों के साथ इस यात्रा को कर रहे हैं। वहीं जामा मस्जिद कमेटी ने यात्रा और परिक्रमा पर एतराज किया है। यात्रा को गैरकानूनी बताते हुए जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष जफर अली ने प्रशासन से यात्रा न निकलने देने की मांग की है। इस हालात में परिक्रमा यात्रा के ऐलान और विरोध को देखते हुए पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर है। थाना पुलिस से लेकर उच्च अधिकारी तक लगातार हालात पर निगाह बनाए हुए हैं।
परिसर के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
महंत ऋषिराज गिरी द्वारा हरिहर पदयात्रा निकालकर हरिहर मंदिर के परकोटे की परिक्रमा के एलान को देखते हुए पुलिस ने परिसर के आसपास पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किये हैं। ड्रोन से निगरानी के साथ ही बैरियर पर पुलिस तैनाती की तैयारी की जा रही है।मंगलवार शाम को शहर कोतवाल गजेंद्र सिंह व परिसर के निकट बनी सत्यव्रत पुलिस चौकी के प्रभारी आशीष तोमर ने परिसर के आसपास ड्रोन उड़वाकर छतों व अन्य जगहों पर बारीकी से देखा। फुटेज के जरिए छतों की बारीकी से जांच की गई। आधुनिक ड्रोन से जूम और क्लोज व्यू में देखा गया कि कहीं कोई आपत्तिजनक वस्तु तो नहीं रखी है। सत्यव्रत चौकी परिसर में बने सीसीटीवी कंट्रोल रूम से लगातार शहर की गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी की जा रही है। धार्मिक स्थल की ओर जाने वाले तीनों रास्तों पर बैरिकेड लगाकर आरआरएफ और पीएसी बल को तैनात किया गया है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी आलोक भाटी ने परिसर के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वह परिसर की तरफ आने वाले रास्तों पर लगाए गए बैरियरों पर भी गए और वहां देखा कि कहां कितना पुलिस बल है और बैरियर ठीक से लगे हैं कि नहीं। इसके बाद सीओ ने आरआरएफ और पुलिस पीएसी जवानों के साथ विवादित परिसर के आसपास पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था को आंका । यात्रा को लेकर प्रशासन अभी खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है। प्रशासन का कहना है कि शांति और कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पदयात्रा के ऐलान को लेकर डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि बीएनएस की धारा 163 लागू है और इस संबंध में 19 नवंबर को ही निर्णय लिया जाएगा। संभल में सुरक्षा व्यवस्था नियमित रूप से बनी हुई है। 24 नवंबर को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
