पसियापुरा गुरुद्वारा प्रकरण: प्रशासन ने पसियापुरा गुरुद्वारे की कमान हजारा पक्ष को सौंपी

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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कब्जे को लेकर दो माह पहले दोनों पक्ष आए थे आमने-सामने

बिलासपुर (रामपुर) अमृत विचार। जिला प्रशासन द्वारा पसियापुरा गुरुद्वारे के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की गई। उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराते हुए उसका कब्जा हजारा परिवार पक्ष को सौंप दिया गया। इसके बावजूद सुरक्षा की दृष्टि से गुरुद्वारे के बाहर भारी फोर्स की तैनाती बनी रहेगी।

बुधवार शाम उप जिलाधिकारी अरुण कुमार व पुलिस क्षेत्राधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह पसियापुरा गुरुद्वारे पहुंचे। वहां हजारा परिवार पक्ष को भी बुलाया गया था। एसडीएम ने इस पक्ष के नागरिकों की संस्था गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह शहीद स्मारक सेवा ट्रस्ट की मुख्य ट्रस्टी सतनाम कौर को गुरुद्वारे की चाबियां व प्रबंधन की कमान सौंपी। ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने इसके बाद गुरुद्वारे में मत्था टेककर अरदास की और प्रशासन का आभार जताया। गुरुद्वारे के प्रबंधन व संचालन को लेकर पिछले करीब तीन सालों से हजारा परिवार पक्ष व नवाबगंज पक्ष में विवाद चला आ रहा था। अक्सर नए घटनाक्रम होते रहते थे। बीती 15 सितम्बर को गुरुद्वारे में दोनों पक्षों के बीच धारदार हथियार चले थे। फायरिंग भी हुई थी। इसके बाद तत्कालीन डीएम व वर्तमान एसपी ने गुरुद्वारे पर तालाबंदी करा दी थी। क्यूआरटी, पीएसी समेत जिले भर से बुलाकर भारी फोर्स तैनात कर दी थी। तब से यही स्थिति लगातार चली आ रही थी। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद न्यायालय में भी पहुंच चुका है और सिविल न्यायालय व उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

बीते दिनों सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने स्थानीय प्रशासन को गुरुद्वारे के प्रबंधन का अधिकार हजारा परिवार पक्ष को देने के आदेश दिए थे। एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में ट्रस्ट को गुरुद्वारे के प्रबंधन का अधिकार सुनिश्चित किया गया है। सीओ रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मौके पर कोई विरोध नहीं पाया गया। एहतियात के तौर पर वहां तैनात सुरक्षा व्यवस्था अभी यथावत रहेगी। वहीं हजारा परिवार पक्ष के सतेंद्र सिंह ने कहा कि न्यायालय से उन्हें इंसाफ मिला है। दूसरी तरफ प्रशासन की इस कार्रवाई को बाबा अनूप सिंह पक्ष ने गलत बताया है और कहा है कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

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