Lucknow AQI : उड़ रही धूल, सड़क पर फैली निर्माण सामग्री...प्रदूषण कैसे कम हो जब नगर निगम ही नियमों का नहीं कर रहा पालन
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदूषण से राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को लखनऊ में एक्यूआई अधिकतम 442 वहीं न्यूनतम 177 रहा। इनमें सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र इन्दिरा नगर है, जहां एक्यूआई 529 दर्ज किया गया। इसके बाद भी जिम्मेदार विभाग लापरवाही बरत रहे हैं। वायु प्रदूषण कम करने के लिए खुद नगर निगम नियमों का पालन नहीं कर रहा है।
सीएम ग्रिड योजना के तहत हजरतगंज के पार्क रोड सहित अलीगंज और कई अन्य स्थानों पर बनाई जा रहीं सड़कों के किनारे ठेकेदार ने नाला खोदकर मिट्टी और निर्माण सामग्री सड़क पर ही छोड़ दी है। इससे धूल का गुबार उड़ रहा है, और वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा निर्माण साइटों पर न तो पानी का छिड़काव किया जा रहा है न ग्रीन नेट का प्रयोग।
जबकि नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित यातायात, नगर निगम, पुलिस सहित अन्य विभागों के साथ बैठक करके प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए थे। इनमें निर्माण साइटों पर ग्रीन नेट का प्रयोग करना, पानी का छिड़काव, सड़क पर निर्माण सामग्री डालने और कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई, खुले वाहनों में मोरंग, बालू और मिट्टी आदि के परिवहन पर रोक लगाना शामिल है।
पहले के मुकाबले प्रदूषण का स्तर कुछ कम हुआ है। नगर निगम लगातार सड़कों पर पानी का छिड़काव करा रहा है। कूड़ा जलाने वालों के विरूद्ध चालान आदि की कार्रवाई की जा रही है। निर्माण साइटों का निरीक्षण करके टीमें नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करेंगी।-संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता लखनऊ नगर निगम
