ठेके पर नगर निगम कराएगा पार्कों का रखरखाव: ई टेंडरिंग से किया जाएगा चयन, 100 पार्कों का बनाया जाएगा पैकेज

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : नगर निगम में अब अपने पार्कों का रखरखाव ठेकेदारों से कराएगा। ठेकेदारों का चयन ई टेंडरिंग से किया जाएगा। टेंडर के लिए एक वार्ड एक ठेकेदार के तहत 100-100 पार्कों का पैकेज बनाया जाएगा। एक वार्ड एक टेंडर व्यवस्था को पिछली कार्यकारिणी बैठक में मंजूरी मिल गई थी। इससे किसी भी पैकेज का काम अब 10 लाख रुपये से कम नहीं होगा।

शहर में नगर निगम के लगभग 2684 छोटे-बड़े पार्क हैं। बड़े पार्कों की देखरेख के लिए निगम के उद्यान विभाग के पास पर्याप्त संसाधन और कर्मचारी नहीं हैं। इससे पार्कों के रखरखाव का कार्य निजी संस्थाओं या ठेकेदारों को देने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम में शामिल किए गए 88 गांवों के पार्कों काे मिलाकर संख्या 3000 हो जाएगी। इन सभी के रखरखाव के लिए टेंडर कराने की तैयारी है। 

नगर निगम ने पार्कों के रखरखाव के लिए बजट में 35 करोड़ से बढ़ाकर 42 करोड़ रुपये कर दिया है। सदन की बैठक में पार्कों के अनुरक्षण की दर लगभग 7 रुपये प्रति वर्गमीटर कर कर दी गई है। इसी कारण बजट बढ़ाया गया है। गौरतलब है कि नगर निगम में 10 लाख से अधिक लागत के कार्य ई-टेंडरिंग से और इससे कम धनराशि से कार्य मैनुअल व्यवस्था के तहत कराए जाते हैं। 

पार्कों के अनुरक्षण कार्य में ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू हो जाने से अब चहेते ठेकेदार को काम देने का खेल नहीं चल पाएगा। अभी तक अधिकारी मनमाने तरीके से अपने करीबी ठेकेदार को पार्कों के अनुरक्षण का कार्य दे देते थे। इससे पार्कों की सही से देखरेख नहीं हो पाती थी और नगर निगम का पैसा भी अधिक खर्च होता था।

इस संबंध में नगर निगम के उद्यान अधीक्षक शशिकांत ने कहा कि कार्यकारिणी के निर्णय का आदेश जारी होते ही उद्यान विभाग टेंडर कराना शुरू कर देगा। दिसंबर के प्रथम सप्ताह से वार्डवार कम से कम 100-100 पार्कों का पैकेज बनाकर अनुरक्षण कार्य के लिए ई-टेंडर से ठेकेदारों का चयन किया जाएगा।


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