UP : प्रेम प्रसंग के चलते की थी पुजारी की हत्या, हत्यारोपी दो भाई समेत तीन गिरफ्तार
बदायूं, अमृत विचार। सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा बुजुर्ग स्थित साईं मंदिर में हुए पुजारी हत्याकांड और लूटपाट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। तीन आरोपियों को बिल्सी मार्ग पर नई जेल के लिए चिंह्नित जमीन के पास से गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से मंदिर से लूटा गया सामान बरामद किया है। बहन से प्रेम प्रसंग के चलते दो भाइयों ने अपने बहनोई के साथ मिलकर हत्या की थी। एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता करके जानकारी दी। एसपी सिटी विजयेंद्र द्विवेदी, सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय मौजूद रहे।
सर्वेश्वर साईं मंदिर परिसर में 16 नवंबर की रात सोते समय कुंवरगांव क्षेत्र के गांव कल्लिया काजमपुर निवासी पुजारी मनोज शंखधार की गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। हाथ और पैर बांधकर डाल दिया था। बदमाश चांदी के दो मुकुट, सीसीटीवी की डीबीआर और पुजारी का मोबाइल फोन लूटकर ले गए थे। पुजारी के बहनोई सत्येंद्र मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की। एडीजी, आईजी, एसएसपी और डीएम ने मौका मुआयना किया था।
खुलासे के लिए सर्विलांस, एसओजी समेत चार टीमें लगाई गई थीं। टीम ने आसपास क्षेत्र के सीसीटीवी की फुटेज चेक की। जिसके आधार पर पुलिस ने शाहजहांपुर के थाना परौर क्षेत्र के गांव परौर निवासी दो भाई विशेष कुमार उर्फ छोटू व नीतेश कुमार पुत्र अमरीश, उसावां क्षेत्र के गांव मनसा नगला निवासी हिमांशु पुत्र सत्यदेव को गिरफ्तार किया। उनके पास से लूटे गए मुकुट और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की।
पूछताछ में आरोपी भाइयों ने बताया कि हत्या की शाम लगभग साढे़ सात बजे नीतेश मंदिर परिसर में मनोज के साथ सो गया था। रात में लगभग पौने दो बजे अन्य दोनों आरोपियों को बुलाया। नीतेश ने दरवाजा खोला और तीनों ने मिलकर हत्या कर दी थी। बताया कि उनकी बड़ी बहन की शादी मनोज शंखधार के बड़े भाई प्रदीप शर्मा के साथ हुई थी लेकिन बीमारी की वजह से तीन साल पहले बहन की मौत हो गई थी। उनकी दूसरी बहन जब अविवाहित थी तो वह अक्सर प्रदीप शर्मा के घर पर रहती थी। जहां मनोज का उनकी अविवाहित बहन से प्रेम प्रसंग हो गया था। वह शादी करने को तैयार था लेकिन आरोपियों के परिजनों ने बहन की शादी मंसा नगला निवासी हिमांशु के साथ कर दी थी।
शादी के बाद भी मनोज उनकी बहन के संपर्क में रहा। हिमांशु को जानकारी होने पर घर में झगड़ा होने लगा। बहन ने बहनोई हिमांशु पर साल 2020 में थाना उसावां में दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करा दी। रिश्तेदारों ने समझाकर समझौता करा दिया था कि अब मनोज उन दोनों के बीच हस्तक्षेप नहीं करेगा। कुछ दिन के बाद फिर से मनोज और उनकी बहन संपर्क में आ गए। रिश्तेदारों के समझाने के बाद भी मनोज नहीं माना। जिसके चलते दोनों भाइयों ने बहनोई के साथ मिलकर योजना बनाकर हत्या कर दी। लूटपाट दर्शाने के लिए मुकुट और मोबाइल ले गए थे। पहचान छिपाने के लिए डीबीआर भी ले ली। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार, एसओजी के प्रभारी निरीक्षक माधो सिंह विष्ट, सर्विलांस प्रभारी धर्वेंद्र कुमार और उनकी टीम रही।
