कैंपस का पहला दिन : उत्साह के साथ चिंता भी थी मन में
उस दिन उत्साह, घबराहट और सपनों का एक अदभुत संगम मेरे मन में उमड़ रहा था। जी, वह दिन था, जब मैं इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम बी.फार्मा. में प्रवेश लेने शहर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में पहुंची थी। यह दिन मेरे करियर की नई यात्रा का पहला पड़ाव था, इसलिए मन में उत्सुकता कुछ ज्यादा ही थी। मैं समय से पहले कॉलेज पहुंच गई और जैसे ही गेट के अंदर कदम रखा, लगा मानो किसी बिल्कुल नई दुनिया में प्रवेश कर रही हूं। विशाल इमारतें, प्रयोगशाला से आने वाली हल्की-सी महक, सफेद कोट पहने वरिष्ठ विद्यार्थी, यह सब कुछ मुझे बरबस ही आकर्षित कर रहा था।
इंटर की मेरिट अच्छी होने के कारण मुझे बड़ी आसानी से प्रवेश मिल गया। अपनी कक्षा तक पहुंचते हुए रास्ते भर दिमाग में कई सवाल उठ रहे थे। क्या मैं सबके बीच तालमेल बिठा पाऊंगी? क्या पढ़ाई बहुत कठिन होगी? क्या नए माहौल में मैं ख़ुद को समायोजित कर पाऊंगी? यह सोच ही रही थी कि तभी दो-तीन नई छात्राओं से बात हुई और कुछ ही मिनटों में हम एक-दूसरे के साथ सहज हो गए। यह छोटी-सी बातचीत मेरे लिए आत्मविश्वास का पहला कदम बन गई।
कक्षा शुरू हुई, तो प्रोफेसर ने बी.फार्मा. की पढ़ाई, दवाओं के विज्ञान और इस क्षेत्र की जिम्मेदारियों को बड़े सरल, लेकिन प्रभावी अंदाज में समझाया। उनका कहना था कि यह केवल एक डिग्री नहीं, अपितु मानवीय सेवा से जुड़ा हुआ एक संवेदनशील पेशा है। उनकी बातें सुनकर मेरे मन में गर्व और उत्साह का संचार हुआ। जब उन्होंने हमें बताया कि आने वाले दिनों में हमें प्रयोगशालाओं में काम करना होगा, विभिन्न रसायनों से परिचित होना होगा और औषधि निर्माण के छोटे-छोटे प्रयोग करने होंगे, तो मेरे भीतर की जिज्ञासा फिर से जाग उठी।
दोपहर में हम कैंटीन गए, जहां माहौल पूरी तरह अलग था। वहां हंसी-मजाक, बातचीत और नए संबंधों की शुरुआत का सुंदर मिश्रण था। हमने अपने-अपने स्कूल के अनुभव, घर की बातें और भविष्य के सपने साझा किए। कुछ ही घंटों में जो लोग अजनबी थे, वे अब दोस्त जैसा महसूस होने लगे। प्रथम दिन का सबसे रोमांचक हिस्सा था-फार्मेसी लैब का पहला दौरा। पारदर्शी बोतलों में रखे रंग-बिरंगे रसायन, व्यवस्थित उपकरण, बड़े-बड़े मापयंत्र यह सब कुछ मैंने बड़ी उत्सुकता से देखा। मुझे महसूस होने लगा कि यही वह जगह है, जहां आने वाले चार वर्षों में मैं अपने सपनों को आकार दूंगी।
जब शाम को कॉलेज से बाहर निकली, तो सुबह की घबराहट मानो कहीं गायब हो चुकी थी। उसकी जगह एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास ने ले ली थी। यह सिर्फ कॉलेज का पहला दिन ही नहीं था, बल्कि यह मेरी पेशेवर यात्रा की नींव रखने वाला दिन था, जो मुझे हमेशा याद रहेगा और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।-प्रेरणा अवस्थी, लखीमपुर खीरी
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बरेली कॉलेज एवं क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के संयुक्त प्रयास से 21 नवंबर को विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। आयोजन नए परीक्षा भवन में सुबह 9 बजे से होगा। मेले में निजी क्षेत्र की लगभग 25 प्रतिष्ठित कंपनियां भाग लेंगी, जो लगभग 2000 रिक्तियों पर चयन करेंगी। 26 नवंबर से एचबीटीयू में बायोगैस पर विशेष कार्यशाला आयोजित होगी। यह कार्यशाला चार दिन तक चलेगी। बायो कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में उद्यमी भी शामिल होंगे।
