कानपुर : बाजारों के अतिक्रमण में खो गया फुटपाथ और सड़क
कार्यालय संवाददाता, कानपुर, अमृत विचार : शहर के प्रमुख बाजारों में अतिक्रमण की वजह से सड़कें और फुटपाथ गायब हो गए हैं। गुमटी और पीरोड, गोविंद नगर बाजार में सबसे हालत खराब है। यहां नगर निगम की टीम एक ओर अतिक्रमण हटाकर जाती है वहीं दूसरी ओर कब्जेदार फिर से दुकानें सजा लेते हैं। पुलिस की ओर से सख्ती न होने की वजह से अतिक्रमणकारियों के हौंसले बुलंद हैं।
शासन की सख्ती के बाद महापौर प्रमिला पांडेय ने जोनल अधिकारियों को लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन नगर निगम का पैसा पानी में जा रहा है। हाई कोर्ट के आदेश हैं कि शहर में फुटपाथ और सड़कों पर कब्जे को खाली कराया जाए। जुर्माना लगाया जाए।
हाई कोर्ट ने 10 अक्टूबर को आदेश दिया था। डीएम ने सख्ती और महापौर के निर्देश के बाद नगर निगम शहर में लगातार अतिक्रमण अभियान चला रहा है। लेकिन इसके बावजूद कोई असर नहीं हो रहा है। नगर निगम ने गुमटी में 12 नवंबर को मुमटी के मुख्य मार्ग, फुटपाथ व गलियारों में किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाया था। अभियान में 75 से अधिक आस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। इसके साथ ही जुर्माना भी वसूला गया। लेकिन इसके दूसरे दिन फिर से दुकाने सजने लगी हैं। फुटपाथ के आगे सड़क पर ठंड के कपड़े बिक रहे हैं। मुख्य सड़क के बीचों-बीच गाड़ियां खड़ी हो रही है। इससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
संत नगर में भी फुटपाथ गायब
पीरोड से नेहरू नगर मार्ग पर बीचोबीच कपड़े की दुकानें सज रही हैं। फुटपाथों के साथ सड़क पर भी कारोबारियों का कब्जा है। गुमटी नंबर पांच में भी फुटपाथ खत्म हो गया ठेले वालों और दुकानदारों की वजह से आम राहगीरों का निकलना मुश्किल है। कबाड़ी मार्केट संत नगर में भी फुटपाथ गायब हो गया है। व्यापारियों ने सड़क और फुटपाथ घेर रखी है।
फुटपाथ गायब, खुले रेस्टोरेंट व दुकानें
मोतीझील से आर्य नगर चौराहा जाने वाले रास्ते पर फुटपाथ गायब हो गया है। अवैध पार्किंग की वजह से लगने वाले जाम से जूझना पड़ता है। यहां तीन स्थानों पर नर्सिंगहोम के साथ कई अपार्टमेंट और व्यावसायिक निर्माण हैं। सभी के बाहर वाहन खड़े रहते हैं। इसके आगे चलने पर आसपास खाने की दुकानें हैं। फुटपाथ पर कब्जे के साथ ही खाने के लिए आने वाले अपने वाहन सड़क पर खड़ा करते हैं। नगर निगम के जोन 4 के ऑफिस के बाहर तक फुटपाथ पर दुकाने सज रही हैं। नगर निगम अधिकारियों के नाक के नीचे लोग पार्किंग कर रहे हैं।
