वाराणसी : वीडीए का दावा- भवन स्वामियों व दुकानदारों को सुनवाई का अवसर देकर की जा रही है ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

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Edited By Amrit Vichar
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वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए चल रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भवन स्वामियों एवं दुकानदारों को सुनवाई का अवसर देकर की जा रही है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के सचिव ने शनिवार को बताया कि पूरी प्रक्रिया विधि-सम्मत है। 

पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा वाराणसी के दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए चल रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर कई आरोप लगाए गए थे। वीडीए के सचिव ने बताया कि वार्ड चौक क्षेत्र के दालमंडी में बिना प्राधिकरण की अनुमति एवं स्वीकृत नक्शे के बने कुल 12 अवैध भवनों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के तहत पहले ही नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण आदेश पारित किए जा चुके थे।

इन 12 भवन स्वामियों ने अपने अनधिकृत निर्माण के खिलाफ पारित ध्वस्तीकरण आदेश के बावजूद प्राधिकरण कार्यालय में न तो कोई स्वीकृत नक्शा/अनुज्ञा पत्र प्रस्तुत किया और न ही स्वामित्व संबंधी कोई दस्तावेज जमा किए। फलस्वरूप पूर्व में पारित ध्वस्तीकरण आदेश प्रभावी है। ध्वस्तीकरण कार्रवाई से पहले सभी पक्षों को अंतिम रूप से सूचित करते हुए अवैध भवनों/दुकानों को खाली करने के लिए मौके पर दोनों पक्षों को अवगत कराया गया।

नोटिस चस्पा की गईं तथा तीन दिनों तक लाउडस्पीकर से मुनादी भी कराई गई। इसके बावजूद 14 नवंबर तक का दिया गया समय व्यतीत होने पर भी भवन खाली नहीं किए गए। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि सभी 12 अवैध भवन स्वामियों एवं दुकानदारों को विधि-सम्मत सुनवाई का पूरा-पूरा अवसर दिया गया है और इसके बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त (जोन काशी) ने बताया कि दालमंडी सड़क का चौड़ीकरण नई सड़क से थाना चौक तक प्रस्तावित है। इस कार्य के लिए नगर निगम, राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी तथा वीडीए की संयुक्त टीम 18 नवंबर को भवन संख्या डी-50/221, काजीपुरा कला, दशाश्वमेध के ध्वस्तीकरण हेतु मौके पर पहुंची थी। शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

उल्लेखनीय है कि उक्त भवन को वीडीए द्वारा पहले ही अवैध घोषित किया जा चुका था। 18 नवंबर को इसे खाली कराने पहुंची टीम का संबंधित पक्ष ने विरोध किया और भीड़ जुटाकर प्रदर्शन किया। इस पर जोनल अधिकारी, विकास प्राधिकरण सौरभ देव प्रजापति की तहरीर पर थाना चौक में कुछ नामजद तथा अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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