संयुक्त निदेशक सहित चार अधिकारी निलंबित, CM योगी के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसरों पर हुई कार्रवाई
विदेश में रहते हुए आजमगढ़ में मदरसा शिक्षक को वेतन–पेंशन देने के मामले में होगी वसूली
लखनऊ, अमृत विचार : आजमगढ़ में मदरसा शिक्षक को विदेश में रहते हुए भी अनियमित वेतन, पेंशन और अन्य देयक दिए जाने का मामला सामने आने के बाद योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक सहित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सभी पर शासकीय धन की हानि पहुंचाने, दस्तावेजों में अनियमितता और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं।
मामला दारूल उलूम अहिले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उजूम, आजमगढ़ का है, जहां के पूर्व शिक्षक शमशुल हुदा खान ने दिसंबर 2013 में भारतीय नागरिकता छोड़कर ब्रिटेन की नागरिकता ले ली थी।
इसके बावजूद वह विभागीय अधिकारियों और मदरसा प्रबंधन की मिलीभगत से 31 जुलाई 2017 तक वेतन और अन्य देयक लेता रहा। जांच में यह भी सामने आया कि उसे चिकित्सा अवकाश भी अनियमित रूप से स्वीकृत किए गए।
एडीएम प्रशासन आजमगढ़ ने वर्ष 2022 में शमशुल खान के खिलाफ 16.59 लाख रुपये रिकवरी का आदेश जारी किया था। खान ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने रिकवरी आदेश निरस्त करते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया। समिति में अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक और मंडलीय उप निदेशक (अल्पसंख्यक कल्याण) शामिल थे। समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि शमशुल खान नौकरी के दौरान ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सिंगापुर, श्रीलंका, खाड़ी देशों और कई बार पाकिस्तान भी गया था। यात्राओं की प्रकृति संदिग्ध पाए जाने पर समिति ने उच्च स्तरीय जांच एजेंसी से पड़ताल कराने की सिफारिश की। एटीएस वाराणसी इकाई भी उसकी विदेश यात्राओं की पड़ताल कर चुकी है।
समिति ने शमशुल को दिए गए अनियमित भुगतान की पूरी रिकवरी और इसमें संलिप्त अधिकारियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है। शासन ने निलंबन आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और अवैध लाभ की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बरेली में तैनात लालमन भी हुए निलंबित
मामले में शासन ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक शेष नाथ पांडेय, तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक अधिकारी आजमगढ़ (अब गाजियाबाद में तैनात) साहित्य निकष सिंह, तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आजमगढ़ (अब अमेठी में तैनात) प्रभात कुमार तथा तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आजमगढ़ (अब बरेली में तैनात लालमन को निलंबित किया है।
