दुनिया के सबसे बड़े लिवर मंच पर चमका KGMU... वॉशिंगटन डीसी में ‘द लिवर मीटिंग 2025’ में भारतीय शोध की गूंजी आवाज

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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केजीएमयू के तीन वरिष्ठ विशेषज्ञों ने बढ़ाया देश का मान

लखनऊ, अमृत विचार : किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जगत में नया इतिहास रच दिया है। विश्वविद्यालय के तीन वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में आयोजित अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ लिवर डिजीज (एएएसएलडी) की प्रतिष्ठित वार्षिक बैठक ‘द लिवर मीटिंग 2025’ में अपने शोध प्रस्तुत कर भारत और केजीएमयू का परचम फहरा दिया। पहली बार केजीएमयू के किसी भी शिक्षक को इस वैश्विक स्तर के मंच पर आमंत्रित किया गया है।

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया विश्व सम्मेलन में डॉ. अजय कुमार पटवा, प्रोफेसर, हेपेटोबिलियरी डिवीजन, डॉ. सुधीर कुमार वर्मा, अतिरिक्त प्रोफेसर, हेपेटोबिलियरी डिवीजन और डॉ. संजीव कुमार वर्मा, अतिरिक्त प्रोफेसर, पीडियाट्रिक हेपेटोलॉजी ने शोध कार्य प्रस्तुत किए, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने विशेष महत्व दिया।

ये हैं प्रमुख शोध प्रस्तुतियां

डॉ. अजय कुमार पटवा ने एसीएलएफ मरीजों में संक्रमण की मौजूदगी के आधार पर लीवर ट्रांसप्लांट और थेरेप्यूटिक प्लाज्मा एक्सचेंज के प्रभावों पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। डॉ. सुधीर वर्मा ने एसीएलएफ मरीजों में लीवर व स्प्लीन (तिल्ली) की कठोरता में अचानक आने वाले बदलाव तथा हेपेटिक ऑस्टियोडिस्ट्रॉफी में ओरल आइबेंड्रोनेट की प्रभावशीलता पर दो शोध प्रस्तुत किए। डॉ. संजीव वर्मा का शोध बच्चों में पोर्टल फाइब्रोसिस और पोर्टल वेन ऑब्स्ट्रक्शन के विभेदीकरण में स्प्लीनिक स्टिफनेस के महत्व पर केंद्रित रहा। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक क्षण बताया।

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