मांगों पर नहीं मिला सकारात्मक आश्वासन, आंदोलन करेंगे संविदाकर्मी, 26 नवंबर से शक्ति भवन पर शुरू करेंगे चरणबद्ध आंदोलन
लखनऊ, अमृत विचार: निविदा संविदा कर्मचारी संघ और पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के बीच हुई वार्ता में मांगों पर सहमति नहीं बन पाई। प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने वार्ता को विफल करार देते हुए 26 नवम्बर से शक्ति भवन में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन का एलान किया है।
संघ ने वार्ता के दौरान प्रबंधन के सामने वर्ष 2017 के विभागीय आदेश का उल्लंघन करते हुए वर्ष 24–25 में हटाए गए लगभग 25,000 आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों को पुनः कार्य पर लेने के साथ संविदा कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक सेवाएं देने की अनुमति सुनिश्चित करने की मांग की गई। 55 वर्ष की आयु सीमा का हवाला देकर हटाए गए कर्मचारियों की सेवा बहाली और वर्टिकल व्यवस्था को वापस लेने की मांगों को प्रमुखता से रखा गया। स्मार्ट मीटर लगाने की स्थिति में मीटर रीडरों का समायोजन किसी अन्य कार्य में करने का प्रस्ताव भी किया। प्रदेश महामंत्री प्रबंधन ने इन मांगों पर सकारात्मक आश्वासन नहीं दिया। कर्मचारियों के हितों की अनदेखी के कारण आंदोलन का निर्णय लिया गया है। मांगों पर ठोस निर्णय न होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
