Police Flag Day : सबसे पहले UP पुलिस को मिला था शौर्य का प्रतीक झंडा, पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था प्रदान
विशेष संवाददाता/कानपुर l पुलिस की आन-बान-शान, गर्व, पराक्रम, शौर्य और न्याय के प्रतीक झंडे को रविवार को सेल्यूट कर उसे धारण किया गया l पीएसी अफसरों ने भी ऐसा ही कियाl पुलिस अफसरों के बीच एडीसीपी महेश कुमार ने पुलिस आयुक्त रघुवीरलाल को पुलिस झंडे से अलंकृत किया और इसके बाद अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इसे गर्व और ससम्मान सीने पर धारण किया l यह पुलिस के लिए गर्व का प्रतीक होने के साथ उन्हें उनके कर्तव्य और निष्ठा की भी याद दिलाता है l
इस झंडे को वर्दी पर धारण कर सभी पुलिस वालों का सीना गर्व से फूल जाता है l उन्हें देश और जनसेवा के दौरान बलिदान हुए अपने साथियों की भी याद ताज़ा कर देता है l इस झंडे का लाल रंग शौर्य, पराक्रम, वीरता का प्रतीक है तो नीला न्याय और कानून-व्यवस्था का l इसकी आन और शान के लिए न जाने कितने पुलिसकर्मियों ने अपनी जान कुर्बान कर दी l इसमें कानपुर के वे आठ पुलिस वाले भी हैं, जो 2020 में चौबेपुर के बिकरू गांव में शातिर विकास दुबे से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे और वह जाँबाज सिपाही धर्मेन्द्र भी, जो मॉल रोड पर डीटू गैंग से मुठभेड़ के दौरान जान गवां बैठा था l
आज़ादी के बाद 23 नवंबर 1952 में देश प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने यूपी पुलिस के साथ पीएसी को उसकी पहचान ध्वज प्रदान किया था, जो उनके सम्मान और कर्तव्य का प्रतीक है l इसी कारण 23 नवंबर को पुलिस झंडा दिवस मनाया जाता है l पुलिस आयुक्त रघुवीरलाल ने यही बात दोहराई, झंडे का महत्व बताते हुए इसकी शान कायम रखने के लिए प्रेरित किया l
