एम्स की याचिका पर हाई कोर्ट का आदेश, नर्सों को हड़ताल जारी रखने से रोका

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नई दिल्ली। लंबित मांगों को लेकर चल रही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के नर्स संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी। नर्सों ने छठे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और संविदा नियुक्तियों को खत्म करने जैसे मुद्दों पर 14 दिसंबर को दोपहर बाद से …

नई दिल्ली। लंबित मांगों को लेकर चल रही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के नर्स संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी। नर्सों ने छठे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और संविदा नियुक्तियों को खत्म करने जैसे मुद्दों पर 14 दिसंबर को दोपहर बाद से हड़ताल शुरू की थी। न्यायमूर्ति नवीन चावला ने नर्सों की हड़ताल के खिलाफ एम्स की एक याचिका पर आदेश सुनाया।

अदालत ने अगले आदेश तक नर्सों को हड़ताल पर जाने से रोक दिया। इससे पहले एम्स ने अदालत को बताया कि वह नर्स संघ की समस्याओं पर विचार कर रहा है। अदालत ने नर्स संघ को नोटिस भी जारी किया और मामले में अगली सुनवाई जनवरी 2021 तक के लिए स्थगित कर दी। एम्स ने अदालत से कहा कि मौजूदा महामारी के दौर में यदि अस्पताल में हड़ताल जारी रहती है तो व्यवस्था ठप हो जाएगी और यह जनहित में नहीं होगा।

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