उत्तर प्रदेश के आम जाएंगे दुनिया के टेबल पर! 2500 किसानों को मिलेगा IndiGAP सर्टिफिकेशन, शुरू होगा ग्लोबल मिशन “आम”
लखनऊ, अमृत विचार : राज्य सरकार प्रदेश में आम के निर्यात को बढ़ावा देने की तैयारी में है। इस उद्देश्य से गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेस (इंडीगैप) के प्रयोग एवं सर्टिफिकेशन को लेकर सोमवार को अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि न्यूनतम 2500 किसानों, निर्यातकों एवं एफपीओ को इंडीगैप ट्रेनिंग देकर उनके उत्पादों को प्रमाणित किया जाएगा, जिससे वैश्विक व्यापार में प्रदेश के आम की पहचान और मजबूत होगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के आमों की वैश्विक मांग को देखते हुए निर्यात को नए आयाम देने के लिए इंडीगैप सर्टिफिकेशन कार्यक्रम दो चरणों में संचालित किया जाएगा। प्रथम चरण में प्रगतिशील किसानों, एफपीओ और निर्यातकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें प्रसंस्करण आधारित उत्पादों की फूड सेफ्टी एवं हाइजीन पर विशेष जोर रहेगा। द्वितीय चरण में चयनित एफपीओ के सहयोग से प्रगतिशील किसानों के प्रक्षेत्रों पर मॉडल फार्म स्थापित किए जाएंगे।
अपर मुख्य सचिव बीएल. मीणा ने निर्देश दिए कि उद्योग नीति-2023 के लाभार्थियों, संरक्षित खेती करने वाले किसानों तथा आम उत्पादकों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हों। उन्होंने सभी उप निदेशक उद्यान एवं जनपदीय उद्यान अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में प्रगतिशील किसानों और एफपीओ की सूची तैयार कर अगली ट्रेनिंग कार्यक्रम में अधिकतम प्रतिभाग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
