कानपुर : केडीए में शामिल नए 80 गांव का बनेगा डिजिटल मानचित्र, शहरी नियोजन के साथ नए प्रोजेक्ट बनाने में होगी आसानी
अभिषेक वर्मा/कानपुर, अमृत विचार। कानपुर विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल नए 80 गांव में भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) बेस्ट मास्टर प्लान-2031 बनेगा। केडीए ने इसके लिए सलाहकार की नियुक्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। कानुपर नगर और देहात के शामिल इन गांव का डिजिटल मानचित्र विकसित होगा। इसके बाद आवास से जुड़े विभागों के लिए जरूरी मानचित्र और क्षेत्रवार डेटाबेस देखना आसान हो जायेगा।
केडीए शहरी नियोजन से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि जीआईएस बेस्ड मास्टरप्लान बन जाने से इन गांव में विकास की रणनीति बनाना आसान होगा, नई योजना लाई जा सकेगी इसके साथ चुनौतियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
कानपुर के लिए वर्ष 2031 के लिए जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार किया गया है।
इसमें 2021 तक विकास क्षेत्र सीमा के अंदर अधिसूचित क्षेत्र शामिल हैं। केडीए के अनुसार इस मास्टर प्लान-2031 को भाग-ए कहा जाएगा। क्योंकि, केडीए के क्षेत्र का विस्तार आवश्यक समझा गया इसको लेकर शहर के अधिकारियों ने सीमा विस्तार के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे सरकार द्वारा स्वीकृति दी गई है।
इसके तहत 80 नए गांव हरदौली, टीकर मघई, अमौर, कुन्दौली, लक्ष्मनखेड़ा, समरा, उमरी, गोईनी, किसरवल, धन्जुवा, सिंहपुर दिवनी, प्रतापुर, टोडपुर, रतनपुर, खरगपुर बिठूर आदि केडीए की सीमा में जोड़े गए हैं। अब इन गांव में भी जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान-2031 तैयार किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार इसे भाग-बी कहा जायेगा। मास्टर प्लान के विस्तारित क्षेत्र में 80 राजस्व गांव शामिल हैं, जो कानपुर सदर, नरवल, बिल्हौर, अकबरपुर और मैथा तहसीलों में है। यह क्षेत्र लगभग 202.55 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
18 दिसंबर तक ऑनलाइन निविदा होगी
केडीए ने सलाहकार के चयन के लिए रिक्वेस्ट ऑनलाइन फॉर प्रोपोजल (आरएफपी) मांगा है। 29 नवंबर को शाम 3 बजे प्री-बिड मीटिंग होगी। जिसमें कंपनियों की समस्या को सुलझाया जाएगा। 18 दिसंबर तक ई-निविदा को डालना होगा। इसके बाद चयनित कंपनी को 52 सप्ताह में यह कार्य करना होगा। चयनित सलाहकार निर्धारित डिज़ाइन और मानकों के अनुसार डाटा एकत्रित करेगा। ड्राफ्ट बेस मैप्स की जाँच की जाएगी और फिर अंतिम बेस मैप तैयार किए जाएँगे जिनका उपयोग योजना निर्माण में इनपुट के रूप में किया जाएगा।
नगर निगम की सीमा में आते हैं 85 गांव
कानपुर नगर निगम की चौहद्दी में 85 गांव आते हैं। सीमा क्षेत्र से बाहर और कानपुर नगर महापालिका की चौहद्दी से 8 किमी. के भीतर 179 गांव हैं। वहीं, दिसंबर 1983 द्वारा अधिसूचित अतिरिक्त 48 गांव हैं। इसी तरह उन्नाव के 29, कानपुर देहात के 37 गांव है जिसमें ग्राम रनिया व रिंद नदी के मध्य और कानपुर कालपी रोड के दोनों ओर 500 मीटर की दूरी में आने वाले 8 गांव हैं
केडीए ने सलाहकार के चयन के लिए टेंडर निकाले हैं। केडीए की सीमा में शामिल 80 गांव का जीआईए बेस्ट मास्टर प्लान-2031 बनने से इन क्षेत्रों में विकास की राह आसान होगी.. मदन सिंह गर्ब्याल, केडीए उपाध्यक्ष।
