शिक्षा, चिकित्सा और सेवा में बड़ा नाम एसआरएमएस
बरेली। न्यूनतम खर्च पर विश्वस्तरीय इलाज लेना हो तो आज सभी के जेहन में एक ही नाम आता है। और वह है एसआरएमएस मेडिकल कालेज। साल दर साल एसआरएमएस में बढ़ती मरीजों की संख्या, इस पर बढ़ते विश्वास को बयान करने के लिए काफी है और यही मरीजों का विश्वास इसकी उपलब्धि है। इमरजेंसी और गंभीर बीमारियों में बरेली और आसपास के मरीज दिल्ली या लखनऊ जाने के बजाय उपचार के लिए एसआरएमएस आते हैं। स्वस्थ होकर घर वापस जाते हैं। यह भरोसा किसी उपलब्धि से कम नहीं। इसी विश्वास और उपलब्धियों के सहारे एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज चार जुलाई को स्वास्थ्य सेवा में 24वें वर्ष में प्रवेश किया।
बरेली स्थित भोजीपुरा में श्रीराम मूर्ति स्मारक मेडिकल इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (एसआरएमएस आईएमएस) की स्थापना एसआरएमएस ट्रस्ट की ओर से चार जुलाई वर्ष 2002 में की गई। ट्रस्ट के संस्थापक, चेयरमैन श्री देव मूर्ति जी ने अपने पिता स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व मंत्री स्वर्गीय राम मूर्ति जी के आदर्श, सबको शिक्षा और सबको स्वास्थ्य को जन जन तक पहुंचाने के लिए विश्वस्तरीय सुविधा युक्त हास्पिटल खोलने का संकल्प लिया। 2001 में वसंत पंचमी के दिन (29 जनवरी) को ट्रस्ट परिवार के सदस्यों के साथ नींव पूजन के बाद सपनों की इमारत ने आकार लेना शुरू किया। करीब डेढ़ वर्ष वर्ष बाद, बीस साल पहले, चार जुलाई 2002 को देव मूर्ति जी की मां आदरणीय रामरखी जी के सानिध्य और आशीर्वाद से क्रिटिकल केयर और आई बैंक के साथ 30 एकड़ में बने एसआरएमएस हास्पिटल का उद्घाटन हुआ। अगले ही वर्ष मरीजों के लिए यहां कार्डियोलाजी ओपीडी के साथ एमआरआई की सुविधा भी उपलब्ध हो गई।
वर्ष 2005 में एमबीबीएस के पहले बैच के साथ मेडिकल कालेज भी आरंभ हो गया। एसआरएमएस आईएमएस आज लखनऊ और दिल्ली के बीच स्थित पूर्वी उत्तर प्रदेश का अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त मल्टी सुपरस्पेशियलिटी हास्पिटल है। प्री क्लीनिकल, पैरा क्लीनिकल और क्लीनिकल डिपार्टमेंट सम्पन्न इस मेडिकल कालेज में रेडियोथेरेपी, कार्डियक साइंसेज, रीनल साइंसेज, न्यूरो साइंसेज और प्लास्टिक सर्जरी विभाग और इनकी ओपीडी भी सफलतापूर्वक संचालित हैं। इन विभागों में सबसे ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। जिनकी संख्या प्रतिदिन 12 सौ से ज्यादा हो जाती है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में भी इन्हीं विभागों के 85 फीसद मरीज होते हैं50 से ज्यादा मरीजों की रेडियोथेरेपी और छह सौ से ज्यादा मरीजों की मेजर सर्जरी को यहां सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा रहा है। यहां पर 3.0 टेस्ला एमआरआई, हाई एनर्जी लीनियर एस्सेलेरेटर- ब्रेकी थेरेपी यूनिट, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, इंटरवेंशनल एंजियोग्राफी के लिए कैथ लैब, एंजियोप्लास्टी और हार्ट की दूसरी जांचें, अत्याधुनिक 20 मेजर ओटी जैसे तमाम उपकरण और सुविधाएं मौजूद हैं। मरीजों के लिए सभी डॉक्टर व अन्य स्टाफ पूरे सेवाभाव के साथ कार्य कर रहा है।

हमने पहले दिन से ही हेल्थ फॉर आल, हॉस्पिटल फार आल को अपना आदर्श बनाया। हम सभी मरीजों को कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। यही वजह है कि एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज पर बरेली और आसपास के मरीजों का भी भरोसा बढ़ा है। इन 23 वर्षों में मरीजों के विश्वास के साथ ही एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज ने कई उपलब्धियां भी हासिल की हैं। इनमें 100 बेड का आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट, इनफर्टिलिटी सेंटर, अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ 110 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट का स्थापित होना अहम है। -आदित्य मूर्ति, डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज
