कानपुर : श्री गुरु तेगबहादुर जी के शहीदी दिवस पर मंडलायुक्त व कुलपित समेत कई सम्मानित
कानपुर, अमृत विचार। श्री गुरु सिंह सभा कानपुर महानगर के चेयरमैन एवं पूर्व एमएलसी सरदार कुलदीप सिंह द्वारा मंडलायुक्त के विजय पांडियन समेत कई अधिकारियों एवं बुद्धिजीवियों को सम्मानित किया गया।
मंगलवार को मोतीझील में श्री गुरु तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर प्रमिला पांडेय, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, छत्रपति शाहू जी महाराज विवि कानपुर के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक, स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज के निदेशक डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी, डॉ. हेमंत मोहन आदि को भी सिरोपा देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजसेवी, शिक्षाविद और सिक्ख समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। सभा के प्रधान सिमरनजीत सिंह, सरदार मोहकम सिंह, तेजिंदर पाल सिंह, गुरुविंदर सिंह, अमितपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

गुरु के शहीदी पर्व पर रक्तदान किया
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर अवध स्मृति संस्थान, जीटीबी अस्पताल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन तथा रोटरी क्लब उत्तर के संयुक्त तत्वावधान में रक्तदान शिविर जीटीबी अस्पताल में लगाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजसेवकों, युवाओं, स्वयंसेवकों एवं जागरूक नागरिकों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया और मानव सेवा की भावना को सार्थक किया।
मुख्य अतिथि सांसद रमेश अवस्थी ने रक्तदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन बलिदान, मानवता और राष्ट्रधर्म का सर्वोत्तम उदाहरण है। रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि जीवन बचाने का पवित्र संकल्प है। अवध स्मृति संस्थान के अध्यक्ष प्रवीण कुमार शुक्ल, डॉ. दीपक श्रीवास्तव, पवन शुक्ल, हरविंदर सिंह लार्ड,डॉ. नंदिनी रस्तोगी, मयंक गुप्ता, निशांत बढेरा, सुखविंदर सिंह लाडी, जसवीर सिंह भाटिया, नरेंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।
कानपुर विवि में गुरु तेग बहादुर शोध संस्थान जल्द
- सिख गुरुओं की कुर्बानियों से नयी पीढ़ी होगी जानकार
- श्री गुरु सिंह सभा कानपुर महानगर ने रखे कई प्रस्ताव
श्री गुरु सिंह सभा कानपुर महानगर के चेयरमैन एवं पूर्व एमएलसी सरदार कुलदीप सिंह की पहल पर छत्रपति शाहू जी महाराज विवि कानपुर में जल्द ही गुरु तेग बहादुर शोध संस्थान की स्थापना होगी जिसकी विधिवत घोषणा गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वीं शहादत वर्षगांठ के अवसर पर मोतीझील ग्राउंड पर भव्य पंडाल में आयोजित कार्यक्रम में की गई।
गुरु तेग बहादुर साहिब जी के शहीदी पर्व पर श्री गुरु सिंह सभा कानपुर महानगर के द्वारा तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसके तीसरे एवं अंतिम दिन मंगलवार को मोतीझील ग्राउंड पर आयोजित भव्य पंडाल में कानपुर विवि के कुलपति विनय पाठक द्वारा मंच से इसके स्थापित करने की जानकारी दी गयी।
मंच से गुरुद्वारा भगत कबीर जी मगहर की प्रमुख परमजीत कौर राणा, जसवीन कौर, प्रधान केंद्रीय श्री गुरु सिंह सभा उत्तर प्रदेश (महिला विंग) तथा प्रधान श्री गुरु सिंह सभा कानपुर महानगर (महिला विंग) डॉ हरप्रीत कौर ने कई प्रस्ताव रखे जिसपर सभा के चेयरमैन एवं पूर्व एमएलसी ने कई प्रस्ताव पारित किये।
श्री गुरु सिंह सभा द्वारा कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए
श्री गुरु सिंह सभा कानपुर महानगर एवं केंद्रीय श्री गुरु सिंह सभा उत्तर प्रदेश द्वारा विशेष सभागार में आयोजित बैठक में दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों, संगत प्रतिनिधियों, गुरुद्वारा प्रशासकों एवं सामाजिक संगठनों की सहमति से पारित ये प्रस्ताव न केवल सिख इतिहास एवं विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा, शोध और राष्ट्रीय एकता के संवर्धन का भी आधार बनेंगे।
प्रस्ताव संख्या 1
- भारत से बाहर गुमराह युवाओं की विचारधारा में सकारात्मक परिवर्तन लाने, सिख इतिहास एवं सभ्यता के संरक्षण तथा छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में स्थापित सिख अध्ययन शोध पीठ को मजबूत करने हेतु पारित किया गया।
- उत्तर प्रदेश सरकार एवं राज्यपाल सिख अध्ययन शोध पीठ के भवन निर्माण एवं अधोसंरचना के लिए स्वीकृत 25 रुपये करोड़ का अनुदान तत्काल अनुमोदित कर प्रदान किया जाए। साथ ही, इस शोध केंद्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करते हुए भविष्य में इसे इंटीट्यूट आफ नेशनल इम्पोर्टेंट का दर्जा दिया जाये।
- उत्तर प्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटों और 100 विधान परिषद सीटों में से, यह प्रस्तावित है कि शासन में न्यायसंगत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विधान मंडलों में एक प्रतिशत सीटें सिख प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षित की जाये अर्थात पांच सीटों पर सिक्खों की भागीदारी सुनिश्चित की जाये।
- सिख समुदाय के हितों, प्रतिनिधित्व और कल्याण की सुरक्षा के लिए तथा शिक्षा, रोजगार और अल्पसंख्यक अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर उत्तर प्रदेश में एक सिख अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना कि जाये।
- कानपुर में सिख जनसंख्या का ऐतिहासिक योगदान, औद्योगिक विकास में सहभागिता, गुरुद्वारा प्रबंधन तथा शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए एक स्थायी सिख शैक्षिक एवं सांस्कृतिक परिसर दिया जाए।
- पंजाबी एवं सिंधी अनुसंधान केंद्र की स्थापना,
- राज्य विधानमंडल में सिख प्रतिनिधित्व का आरक्षण, और उत्तर प्रदेश में सिख अल्पसंख्यक आयोग का गठन।
