कानपुर में पुलिस की पाती पर पलटवार, फिर पैचअप....! संयुक्त पुलिस आयुक्त की हिदायती चिट्ठी पर भड़कीं थीं महिला आयोग की सदस्य

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Edited By Amrit Vichar
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शैलेश अवस्थी, कानपुर : संयुक्त पुलिस आयुक्त विनोद कुमार सिंह की ओर से थाने के निरीक्षण के मुद्दे पर महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता को लिखी गई चिठ्ठी और फिर उनके पलटवार के बाद मामले के पटक्षेप की चर्चा गुरुवार को बेहद गरम रही। 

गौरतलब है कि संयुक्त पुलिस आयुक्त विनोद कुमार सिंह ने अनीता गुप्ता को लिखे पत्र में कहा कि "पुलिस विभाग के कार्य, व्यवस्था एवं आंतरिक कार्यप्रणाली से संबंधित निरीक्षण आपके अधिकार क्षेत्र में सम्मलित नहीं है, अतः भविष्य में ऐसे किसी भी निरीक्षण से बचा जाना अपेक्षित है, ताकि पुलिस विभाग अपनी संवैधानिक एवं प्रशासनिक ज़िम्मेदारियों का निर्वहन बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से कर सके" यह भी लिखा कि 'आप अपने प्रदत्त अधिकारों एवं शक्तियों के अंतर्गत ही कार्य करें '।

यह चिट्ठी वायरल हुई और अनीता गुप्ता को जैसे ही मिली, वह बेहद नाराज हो गईं और इसे अपना अपमान मानते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त विनोद सिंह पर जुबानी पलटवार किया । उन्होंने चिठ्ठी की भाषा को अभद्र बताते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान से शिकायत की । सूत्र बताते हैं कि इसके बाद बबीता चौहान और पुलिस आयुक्त रघुवीरलाल के बीच इस मुद्दे पर वार्ता हुई, जिसमें उन्होंने चिट्ठी में लिखी कटु भाषा का भी जिक्र किया और इसे अनुचित बताया, पुलिस आयुक्त ने उन्हें भरोसा दिया कि वह खुद इस मामले को देखेंगे और उचित रास्ता निकालेंगे ।

बताते हैं कि पुलिस आयुक्त रघुवीरलाल ने संयुक्त पुलिस आयुक्त विनोद सिंह से बात की और चिट्ठी को पढ़ा । इसके बाद भाजपा के कुछ नेताओं ने भी दोनों पक्षो से बात की । पुलिस महानिदेशक तक बात पहुंची । बताया जाता है कि हर पक्ष से बातचीत के बाद मामले का पटाक्षेप हो गया । भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल का कहना है कि महिला आयोग की अध्यक्ष तक बात पहुंच गई है, वह देखेंगी ।

गलतफहमी दूर हो गई, सब ठीक हो गया 

पुलिस आयुक्त रघुवीरलाल ने मीडिया को बताया कि जेसीपी ने पत्र लिखा था, कुछ गलतफहमी हो गई थी, महिला आयोग की अध्यक्ष से भी मेरी बात हुई है, चिट्ठी में कटु भाषा की शिकायत है, जेसीपी से भी बात की है और पूरी जानकारी ली है, महिलाओं के सम्मान और उन्हें न्याय के लिए हम तालमेल से काम करेंगे, अब सब ठीक है।

निरीक्षण नहीं, जानकारी के लिए थाने गईं थीं 

महिला आयोग की सदस्य अनीता गुप्ता का कहना है कि मैं थाने में निरीक्षण नहीं, महिला उत्पीड़न के मामले की जानकारी करने गई थी, थानेदार ने तो खुद मुझे रजिस्टर दिखाया था, अध्यक्ष बबीता जी को पूरी बात बता दी है, वह दिल्ली जा रही हैं, लौटने पर वार्ता होगी, इस मुद्दे पर मेरी न तो सीपी और न ही जेसीपी से कोई वार्ता हुई है, जो हुआ, वह आहत करने वाला है।

पहले भी हुए पुलिस से टकराव 

लगभग तीन महीने पहले कानपुर देहात के अकबरपुर थाने में थानाप्रभारी पर कार्रवाई को लेकर राजमंत्री प्रतिभा शुक्ला और उनके पति पूर्व सांसद ने धरना दिया था, लेकिन कई दिन बाद थानेदार का सिर्फ दूसरे थाने में तबादला ही किया गया, छह महीने पहले विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने कार्रवाई के लिए ग्वालटोली थाने पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठ गए थे।

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