चित्रकूट : फर्जी तरीके से सिम लेकर डकैतों को देने में दोषी को सजा
चित्रकूट, अमृत विचार। दूसरे की आईडी से सिम लेकर दस्यु बलखड़िया गैंग को देने के मामले में दोषसिद्ध आरोपी को कोर्ट ने चार वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसे 15 हजार रुपये अर्थदंड भी दिया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता गोपाल दास ने बताया कि कोतवाली के तत्कालीन उपनिरीक्षक घनश्याम पांडेय ने नौ सितंबर 2012 को बांदा जिले के फतेहगंज थाने के जबरापुर गांव के निवासी राकेश कुमार पटेल को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी राकेश कुमार पटेल ने दो महिलाओं की आईडी का दुरुपयोग करते हुए फर्जी तरीके से सिम लेकर दस्यु बलखडिया गिरोह को दिए थे। जांच के दौरान सामने आया कि सिम अनूपा देवी के नाम पर जारी हुआ है, जिसने पुलिस को बताया था कि वह कर्वी के एलआईसी चौराहे में खुली दुकान राकेश कंप्यूटर्स में सिम लेने गई थी, जहां उसने अपनी आईडी व मतदाता पहचान पत्र की छायाप्रति दुकानदार को दी थी।
इसके बाद दुकानदार राकेश कुमार पटेल ने उसे केवल एक सिम दिया था। इसी प्रकार मीरा देवी ने बताया कि उसने भी अपनी आईडी जमा कर दुकानदार से एक सिम लिया था। जबकि इन दोनों के नाम पर दो सिम जारी किए गए थे, जो दस्यु बलखड़िया गिरोह को दिए गए थे। इनका प्रयोग डकैती व हत्या जैसी गंभीर आपराधिक घटनाओं में किया गया।
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने इस मामले में निर्णय सुनाया। दोषसिद्ध राकेश कुमार पटेल को चार वर्ष सश्रम कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
