शाहजहांपुर: विधानसभा के साथ पंचायत चुनाव भी लड़ेगी आप

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शाहजहांपुर,अमृत विचार। 2022 के विधानसभा चुनाव के साथ ही आम आदमी पार्टी पंचायत चुनाव भी लड़ेगी। यह कहना है आप के उप्र प्रभारी और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह का। संजय सिंह बुधवार को कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने शाहजहांपुर आए थे।मीडिया से बातचीत में सांसद संजय सिंह ने कहा कि पार्टी के मुखिया और दिल्ली …

शाहजहांपुर,अमृत विचार। 2022 के विधानसभा चुनाव के साथ ही आम आदमी पार्टी पंचायत चुनाव भी लड़ेगी। यह कहना है आप के उप्र प्रभारी और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह का। संजय सिंह बुधवार को कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करने शाहजहांपुर आए थे।मीडिया से बातचीत में सांसद संजय सिंह ने कहा कि पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। पार्टी पूरी ताकत से विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

उन्होंने कहा फरवरी में संभावित पंचायत चुनावों में भी पार्टी जोर आजमाइश करेगी। पंचायत चुनाव सिंबल पर लड़े जाएंगे तो पार्टी प्रत्याशी उतारेगी। वरना प्रत्याशी को समर्थन प्रदान करेगी। 3100 जिला पंचायत सीटों पर पार्टी अपना जोर लगाएगी।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आप के उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने की घोषणा से भाजपा के नेता बौखला गए हैं। आम आदमी पार्टी स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। कोरोना काल में उत्तर प्रदेश में जिस तरह से ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर व अन्य उपकरणों की खरीद में घोटाला किया गया है, वह भाजपा की नीयत को दिखाता है। बरेली में 965 उन लोगों की कोरोना टेस्टिंग करा दी गई जो अस्तित्व में ही नहीं हैं। भाजपा सरकार नो टेस्टिंग-नो कोरोना के फार्मूले पर चल रही है।

राज्यसभा सदस्य ने प्रदेश में भाजपा न गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मुहैया करा पा रही है और न स्वास्थ्य सेवा। सुरक्षा के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार फेल साबित हो रही है। हत्याकांड में नामजद एसपी फरार चल रहा है। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुई तो उन पर चार महीने में 14 मुकदमे दर्ज करा दिए गए। किसानों के जायज आंदोलन को भी बदनाम करने की चाल चली जा रही है। खालिस्तानी और पाकिस्तानी तक करार दिया जा रहा है। गृहमंत्री अमित शाह नाकाम साबित हो रहे हैं। कृषि कानूनों में एमएसपी की गारंटी न देना, कांट्रैक्ट खेती और असीमित भंडारण की अनुमति से कालाबाजारी बढ़ेगी और जनता को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। हर किसी को नए कृषि कानूनों का विरोध करना चाहिए।

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