शिक्षक चाहते हैं TET अनिवार्यता से मिले छूट, 4 माह से शिक्षक कर रहे हैं आंदोलन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भी कर चुके हैं निवेदन
लखनऊ, अमृत विचार : प्राथमिक शिक्षक अपनी लंबी सेवा अवधि को देखते हुए टीईटी अनिवार्यता से छूट की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू की गई टीईटी अनिवार्यता से राहत पाने के लिए शिक्षक पिछले चार माह से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सांसदों, विधायकों के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भी अपनी मांग को लेकर निवेदन किया है।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने बताया कि शिक्षकों ने कोरोना काल जैसी विषम परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित में पूरी निष्ठा से सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद अब सेवा के लंबे समय बाद टीईटी की बाध्यता लागू किया जाना शिक्षकों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात कर छूट देने की मांग की गई है।
शिक्षिका विमला चंद्रा ने कहा कि वर्षों की सेवा के बाद अब दोहरी जिम्मेदारी निभाना मुश्किल हो गया है। एक ओर विद्यालय में बच्चों को पढ़ाना और दूसरी ओर स्वयं परीक्षा की तैयारी करना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। हर शिक्षक चाहता है कि उसका सेवानिवृत्त जीवन सम्मानजनक हो, लेकिन टीईटी अनिवार्यता ने उन्हें मानसिक रूप से आहत किया है।
शिक्षक संजय मौर्य ने कहा कि उनकी नियुक्ति के समय सरकार द्वारा निर्धारित सभी योग्यताओं को पूरा किया गया था। आरटीई एक्ट 2009 में स्पष्ट उल्लेख है कि अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षक टीईटी से मुक्त रहेंगे। बावजूद इसके सेवा के लगभग 25 वर्ष बाद टीईटी लागू किया जाना शिक्षकों में असंतोष का कारण बन रहा है।
