महोबा में सेवानिवृत रेलकर्मी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, शव के पास बैठी थी दिव्यांग बेटी, परिवार ने लगाया नौकरी दंपति पर गंभीर आरोप

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Edited By Amrit Vichar
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महोबा/बांदा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में रेलवे का 70 वर्षीय एक सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया जबकि उनकी मानसिक रूप से दिव्यांग बेटी शव के पास अत्यंत दुर्बल अवस्था में पाई गई।

पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों ने घरेलू सहायक दंपति पर पिता-पुत्री को वर्षों तक कैद में रखने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मृतक की पहचान ओम प्रकाश सिंह राठौर के रूप में हुई है, जो रेलवे से वरिष्ठ क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और महोबा कस्बे के हिंद टायर गली इलाके में रहते थे।

पुलिस ने बताया कि राठौर की पत्नी रेणुका की 2016 में मृत्यु हो गई थी और दंपति की 27 वर्षीय बेटी रश्मि मानसिक रूप से दिव्यांग है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) वंदना सिंह ने बताया कि शव सोमवार को मिला था और पोस्टमार्टम किया जा चुका है। 

उन्होंने कहा, ‘‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृत्यु का कारण दीर्घकालिक फेफड़ों की बीमारी पाया गया है।’’ एएसपी ने कहा कि घर में मौजूद राठौर की बेटी बेहद कमजोर और विक्षिप्त अवस्था में पाई गई। एएसपी ने बताया कि घर में रह रहे सहायक दंपति के खिलाफ परिवार के सदस्यों ने गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की जांच की जा रही है। 

प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घरेलू सहायक दंपति पिछले आठ से नौ वर्षों से राठौर और उनकी बेटी के घर में काम कर रहे थे और उनकी दिन-प्रतिदिन की देखभाल के लिए जिम्मेदार थे। पुलिस ने बताया कि इस दौरान राठौर ने घर का पंजीकृत बिजली कनेक्शन घरेलू सहायक की पत्नी के नाम पर स्थानांतरित कर दिया था।

एएसपी ने बताया कि यह भी सामने आया है कि परिजनों द्वारा पूर्व में कभी इस संबंध में पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई, न ही मृतक अथवा उनकी पुत्री की देखभाल करने का कोई प्रयास किया गया था। परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

इसी बीच, राठौर के छोटे भाई अमर सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि जब परिवार के सदस्य उनकी मृत्यु के बारे में जानने के बाद घर पहुंचे, तो उन्होंने रश्मि को अपने पिता के शव के पास दयनीय हालत में पाया। अमर सिंह ने आरोप लगाया कि घरेलू सहायक दंपति ने प्रभावी रूप से घर पर कब्जा कर लिया था और राठौर तथा उनकी बेटी को भूतल के एक कमरे में कैद कर दिया था। 

मृतक के भाई ने दावा किया, ‘‘ पिछले तीन वर्षों से उन्हें किसी से भी मिलने की इजाजत नहीं थी। जब भी हम उनसे मिलने की कोशिश करते, घरेलू सहायक किसी न किसी बहाने से हमें वापस भेज देते थे।’’ पुलिस ने कहा कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

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