नगर निगम का बड़ा फैसला: LDA और आवास विकास से वसूलेगा मलबा शुद्धीकरण शुल्क, हर साल आएंगे 10 करोड़ रुपये

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

आवास विकास और एलडीए नक्शा पास करते समय लेते हैं मलबा शुल्क

लखनऊ, अमृत विचार : नगर निगम अब विकास प्राधिकरणों से मलबा और शुद्धीकरण शुल्क वसूल करेगा। इसको लेकर जल्द ही लखनऊ विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद को नोटिस भेजे जाएंगे। प्राधिकरणों से मलबा और शुद्धीकरण शुल्क से नगर निगम को वार्षिक लगभग 10 करोड़ रुपये की आय होगी

लखनऊ विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद भवनों का मानचित्र पास करने व शमन के लिए बिल्डरों व भूखंड स्वामियों से मलबा शुल्क वसूल करते हैं। इस शुल्क में नगर निगम को कोई अंश नहीं दिया जाता, जबकि दोनों परिषद-प्राधिकरण की योजनाओं से मलबा नगर निगम ही उठाता है। ऐसा करने पर नगर निगम पर आर्थिक भार पड़ता है। नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने बताया कि अब नगर निगम परिषद और प्राधिकरण से मलबा व शुद्धीकरण शुल्क में हिस्सा लेगा। इस संबंध में परिषद और प्राधिकरण को जल्द ही नोटिस भेजा जाएगा। इस नोटिस में शासनादेश का हवाला दिया जाएगा।

एलडीए और आवास विकास की योजनाएं नगर निगम में शामिल

एलडीए और आवास विकास की कई योजनाएं नगर निगम सीमा में शामिल हो गई हैं। एलडीए की गोमती नगर विस्तार और जानकीपुरम विस्तार कालोनी सहित आवास विकास की वृंदावन योजना, अवध विहार योजना, हरदोई रोड स्थित आम्रपाली योजना आदि शामिल हैं। इन कालोनियों में नक्शा पास कराने के लिए शमन शुल्क प्राधिकरण द्वारा वसूला जाता है, लेकिन नगर निगम को प्राधिकरण कोई भी धनराशि नहीं देते हैं। जिससे नगर निगम का काम के साथ खर्च भी बढ़ रहा है।

संबंधित समाचार